रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गोड्डा लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ निशिकांत दुबे के बीच ट्विटर पर छिड़ी जंग अब कोर्ट पहुंच गयी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सदस्य निशिकांत दुबे के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज करवा दिया है. मुख्यमंत्री की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर और फेसबुक को भी प्रतिवादी बनाया गया है.
श्री सोरेन के वकील प्रशांत कुमार ने रांची में सब जज-1 की अदालत में सांसद के खिलाफ याचिका दाखिल की है. इस याचिका पर 5 अगस्त को पहली सुनवाई हुई. अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी. श्री दुबे ने पिछले दिनों ट्विटर पर मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाये थे. इसके बाद सीएम ने ट्विटर पर ही कहा था कि वह 48 घंटे के भीतर श्री दुबे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे.
इसके बाद गुरुवार (6 अगस्त, 2020) को सांसद निशिकांत दुबे ने ट्वीट करके बताया कि मुख्यमंत्री ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘बलात्कार,अपहरण का आरोप मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी पर किसी लड़की ने मुंबई में लगाया. आप उस लड़की पर केस नहीं करके मेरे ऊपर केस कर रहे हैं. धन्यवाद आपका सौभाग्य है कि सरयू राय की तरह मुझे भी मुख्यमंत्री से लड़ने का मौका मिला.’
इस ट्वीट में निशिकांत दुबे ने झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दीपक प्रकाश, भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी और भाजपा के संगठन मंत्री धरम पाल सिंह को भी टैग किया. ज्ञात हो कि 28 जुलाई, 2020 को श्री दुबे ने एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने कहा था, ‘महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख जी, मुंबई शहर में 2013 में झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी पर एक लड़की ने बलात्कार, अपहरण के आरोप लगाये. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार समझौते से भी यह आरोप बंद नहीं हो सकता.’
इस ट्वीट में श्री दुबे ने एनसीपी नेता शरद पवार, उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले, भारत के गृह मंत्री अमित शाह और बीएल संतोष को टैग किया था. श्री दुबे ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘एक मुख्यमंत्री पर यह आरोप लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है. इसकी जांच मुंबई पुलिस को तुरंत दुबारा करनी चाहिए.’
भाजपा सांसद के इस ट्वीट के जवाब में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिखा था, ‘माननीय सांसद निशिकांत दुबे जी ने मुझ पर कुछ आरोप लगाये हैं. माननीय सांसद जी इसका जवाब आपको अगले 48 घंटे में कानूनी रूप से दिया जायेगा.’ उन्होंने इसी ट्वीट में लिखा, ‘देश और राज्यवासियों को ‘अपने आचरण के अनुरूप’ गुमराह करना बंद करें.’
ज्ञात हो कि भाजपा सांसद ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री को चिट्ठी लिखकर वर्ष 2013 में हेमंत सोरेन पर लगाये गये गंभीर आरोपों की फिर से जांच कराने का आग्रह किया है. मुख्यमंत्री ने कानूनी रूप से जवाब देने की बात ट्विटर पर लिखी, तो श्री दुबे ने उन्हें रिप्लाई करते हुए कहा, ‘इंतजार रहेगा, मैंने नहीं लड़की ने आरोप लगाया है.’
इसके बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी निशिकांत दुबे पर हमला बोलना शुरू कर दिया. पार्टी के ट्विटर हैंडल से कहा गया, ‘माननीय सांसद निशिकांत दुबे के कुकर्मों की परत-दर-परत खुलकर जनता के समक्ष आने लगी है. कभी एक असहाय व्यक्ति से अपने पैर धुलवाने वाले सांसद महोदय दूसरों पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं.’ झामुमो ने सांसद श्री दुबे की पीएचडी की डिग्री पर भी सवाल उठाते हुए दिल्ली विवि की ओर से सीआइडी को लिखे गये पत्र को टैग कर दिया.
Posted By : Mithilesh Jha
