रांची. बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बिट), मेसरा के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में Computational Intelligence की शुरुआत हुई. कार्यक्रम में देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया. इस दौरान मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी के विभिन्न अनुप्रयोगों पर चर्चा हुई.
कारोबार और सतत विकास में AI के इस्तेमाल पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेल डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन डिवीजन, रांची के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर दीपक जैन और आइएसआइ कोलकाता के प्रोफेसर उत्पल गारैन रहे. दीपक जैन ने सैद्धांतिक अवधारणाओं से आगे बढ़कर कारोबार और सतत विकास के क्षेत्र में AI के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर जोर दिया.
उन्होंने AI और तकनीक के इस्तेमाल को वास्तविक जरूरतों और चुनौतियों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया.
जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और मशीन लर्निंग के एकीकरण पर चर्चा
उद्घाटन सत्र में सम्मेलन के कन्वेनर डॉ सुदीप कुमार साहाना ने कार्यक्रम के विषय का परिचय दिया. उन्होंने वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान के लिए जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और मशीन लर्निंग के एकीकरण पर चर्चा की.
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ चंद्रशेखर लवानिया और डॉ के श्रीधर पटनायक ने की. सम्मेलन के कन्वेनर डॉ सुदीप कुमार साहाना और डॉ देबजानी मुस्तफी हैं, जबकि डॉ संदीप दत्ता और डॉ शमामा अनवर को-कन्वेनर हैं.
शोधकर्ताओं ने प्रस्तुत किये शोध कार्य
कार्यक्रम में देश-विदेश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आये शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों ने मशीन लर्निंग तथा AI के विविध अनुप्रयोगों से संबंधित अपने शोध कार्य प्रस्तुत किये. कार्यक्रम के दौरान Computational Intelligence से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किये.
