रांची: कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सीसीएल के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग की ओर से ‘मानसिक स्वास्थ्य व कल्याण’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गयी. इसमें कुल 57 कर्मियों ने हिस्सा लिया.
व्यक्तिगत व व्यावसायिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन
कार्यशाला में बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य की तरह व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य और कार्यक्षमता का महत्वपूर्ण आधार है. कार्यस्थल पर तनाव को समय रहते पहचानना, उसका प्रभावी तरीके से प्रबंधन करना और व्यक्तिगत व व्यावसायिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाये रखना कर्मचारियों के कल्याण के लिए जरूरी है.
काम अक्सर चुनौतीपूर्ण और लक्ष्य आधारित
वक्ताओं ने कहा कि खनन उद्योग की कार्य प्रकृति को देखते हुए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े जागरूकता कार्यक्रमों का विशेष महत्व है. खनन क्षेत्र में काम अक्सर चुनौतीपूर्ण और लक्ष्य आधारित वातावरण में होता है. ऐसे में कर्मचारियों को विभिन्न परिस्थितियों में जिम्मेदारियों का निर्वहन करना पड़ता है. कार्यशाला में जीएम मानव संसाधन विकास एमएफ हक, महाप्रबंधक (कल्याण) एसके ठाकुर, सीआईपी की मनोचिकित्सक डॉ रश्मि बिरुवा और डॉ कल्पना ने मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे. उन्होंने कार्यस्थल के तनाव को समझने, उसका प्रबंधन करने और स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन बनाये रखने के महत्व पर चर्चा की.
