भद्रा के साये में तीन की सुबह होलिका, शाम को चंद्रग्रहण
होलिका दहन मंगलवार को तड़के पूरे खलारी कोयलांचल में श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ.
By DINESH PANDEY | Updated at :
खलारी. असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक होलिका दहन मंगलवार को तड़के पूरे खलारी कोयलांचल में श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ. भद्रा नक्षत्र के कड़े पहरे के कारण इस वर्ष होलिका दहन के समय में बड़ा बदलाव देखा गया. सोमवार की पूरी रात भद्रा का प्रभाव रहने के कारण, शास्त्र सम्मत निर्णय लेते हुए आज तीन मार्च की सुबह 4:56 बजे के बाद होलिका प्रज्वलित की गयी.
मुहूर्त का फेर : ब्रह्म मुहूर्त में हुआ दहन
सोमवार शाम से शुरू हुई भद्रा मंगलवार सुबह 4:56 बजे समाप्त हुई. इसी के बाद खलारी के केडी बाजार, डकरा, राय और विभिन्न कॉलोनियों में सजी होलिका की पूजा-अर्चना कर उसे प्रज्वलित की तैयारी की गयी थी.
मंगलवार सुबह ही होगा स्नान-दान
मंगलवार को ही स्नान-दान वाली पूर्णिमा मनायी जा रही है. पंडितों ने बताया कि मंगलवार शाम को खग्रास चंद्रग्रहण होने के कारण पूर्णिमा का स्नान और दान-पुण्य सुबह ही करना फलदायी होगा. ग्रहण का सूतक काल सुबह 6 बजकर 21 मिनट से ही शुरू हो जायेगा, इसलिए मंदिरों के पट सूतक लगने से पूर्व ही बंद कर दिये जायेंगे.
बुधवार को मनेगी रंगों की होली :
ग्रहण और सूतक के प्रभाव के कारण धुलेंडी यानी रंगों की होली कल बुधवार चार मार्च को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनायी जायेगी. प्रशासन ने शांति और सौहार्द बनाये रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये हैं.