रांची के मधुकम में मकान तोड़ने पर हाइकोर्ट ने लगायी रोक

झारखंड हाइकोर्ट ने फिलहाल रातू रोड स्थित मधुकम में विवादित जमीन से दखलकारों के मकान तोड़ने की कार्रवाई पर रोक लगा दी है.

रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने फिलहाल रातू रोड स्थित मधुकम में विवादित जमीन से दखलकारों के मकान तोड़ने की कार्रवाई पर रोक लगा दी है. इससे पहले विवादित जमीन से दखलकारों को हटाने के मामले में दायर हस्तक्षेप याचिका पर सुनवाई हुई. यह सुनवाई जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में हुई. इस दौरान हस्तक्षेपकर्ताओं का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने स्पष्ट कहा कि इस मामले की सुनवाई पूरी होने तक हेहल बेदखली की कार्रवाई नहीं की जायेगी. मौके पर अदालत ने हेहल अंचल के सीओ घनश्याम कुमार को कड़ी फटकार लगायी. उन्हें सख्त निर्देश दिया गया कि वह इस मामले में अगले आदेश तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करें.

सीओ की कार्यशैली पर सवाल उठाया

सीओ की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अदालत ने सीओ को शोकॉज हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया. शपथ पत्र के माध्यम से यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि क्या प्रभावित पक्षों को नोटिस देकर उनका पक्ष सुना गया था? अदालत ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जतायी कि पिछले आदेशों के अनुपालन के नाम पर सीओ द्वारा बिना उचित प्रक्रिया अपनाये लोगों के मकान तोड़ने के कदम उठाये जा रहे हैं. अदालत ने सीओ से पूछा कि क्या जमीन खाली कराने से पहले प्रभावित पक्ष जैसे शांति देवी, मोहन साव और अन्य को नोटिस दिया गया था? क्या उन्हें भुगतान से संबंधित दस्तावेज पेश करने का अवसर दिया गया? बेदखली की प्रक्रिया शुरू करने से पहले क्या अंचल स्तर पर कोई औपचारिक आदेश पारित किया गया था? अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे 27 फरवरी को दोबारा सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया.

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