Ranchi news : हाइकोर्ट ने जेएसएससी से मांगा स्पष्टीकरण

इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य के संशोधित परिणाम का मामला:

इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य के संशोधित परिणाम का मामला:

बीसी-टू के अंतिम चयनित अभ्यर्थी व प्रार्थी का अंक प्रस्तुत करने का निर्देश

-मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी.

रांची. झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने झारखंड प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के तहत कक्षा एक से पांच के संशोधित परिणाम को चुनाैती देनेवाली याचिका पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के दाैरान अदालत ने प्रार्थी का पक्ष सुना. पक्ष सुनने के बाद अदालत ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया. अदालत ने आयोग को निर्देश दिया कि वह तीन सप्ताह के भीतर स्पष्ट करे कि मूल परिणाम में अनारक्षित श्रेणी में आये अभ्यर्थी को संशोधित परिणाम से किन कारणों से बाहर किया गया है. इसके अलावा जेएसएससी को बीसी-टू कोटि के अंतिम चयनित अभ्यर्थी तथा प्रार्थी का मार्क्स प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. साथ ही मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 11 नवंबर की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन ने पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि जेएसएससी ने इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य (कक्षा एक से पांच) के लिए परिणाम जारी किया था. इसमें प्रार्थी जो बीसी-टू का था, को अनारक्षित वर्ग में सफल घोषित किया गया था. बाद में मूल परिणाम रद्द कर आयोग ने संशोधित परिणाम जारी किया, जिसमें प्रार्थी का नाम नहीं था. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी सुदामा कुमार ने याचिका दायर की है.

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Published by: Deepesh kumar

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