झारखंड हाईकोर्ट की सुरक्षा से खिलवाड़! भाजपा ने सरकार पर लगाया घटिया सुरक्षा उपकरण खरीदने का आरोप

High Court news: भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हाईकोर्ट के लिए खरीदे गये अंडर व्हिकल सर्च मिरर, जिससे गाड़ी के चेसिस के नीचे लगे बम की जांच होती है, भी बेकार पाया गया. यह उपकरण भी गाड़ी के नीचे आईईडी और बम को डिटेक्ट नहीं कर पाया. भाजपा नेता ने कहा कि रिपोर्ट में कहा गया है कि हाई एक्सप्लोसिव, टीएनटीको डिटेक्ट करने वाला एक्सप्लोसिव वेपर डिटेक्टर भी पूरी तरीके से गड़बड़ है. यह कुछ भी डिटेक्ट नहीं कर पाया.

High Court Security: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाये हैं. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने मंगलवार को कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार ने हाईकोर्ट की सुरक्षा से खिलवाड़ किया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने हाईकोर्ट के लिए घटिया सुरक्षा उपकरणों की खरीद की. बम, टीएनटी, आईईडी, हाई एक्सप्लोसिव डिटेक्ट करने वाले उपकरण जांच में फेल हो गये हैं. यह हाईकोर्ट की सुरक्षा से बड़ा खिलवाड़ है.

बिना जांच के खरीदे गये सुरक्षा उपकरण – प्रतुल

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जमीन घोटाला, टेंडर घोटाला, खनन घोटाला के बाद सुरक्षा घोटाला भी झारखंड में हो गया. उन्होंने कहा कि बिना टेंडर के हेमंत सोरेन सरकार ने हाईकोर्ट के लिए सुरक्षा उपकरणों की खरीदारी की. खरीदने के पहले उपकरणों की जांच नहीं हुई. उन्होंने कहा कि खरीद के बाद स्पेशल ब्रांच के डीआईजी की अध्यक्षता में टेक्निकल टीम का गठन किया गया. इस टेक्निकल टीम ने 18 जून, 2024 को अपनी रिपोर्ट सौंपी.

खरीदे गये 4 उपकरणों में 3 उपकरण टेस्ट में फेल

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि खबर मिली है कि रिपोर्ट में कहा गया कि खरीदे गये 4 उपकरणों में 3 उपकरण टेस्ट में फेल हैं. प्रतुल के मुताबिक, जमीन के अंदर गड़े डेटोनरेटर को डिटेक्ट करने वाला डीप सर्च माइन और मेटल डिटेक्टर को बेकार पाया गया. वह जमीन के अंदर आईईडी और बम को डिटेक्ट नहीं कर पाया.

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आईईडी और बम की जांच नहीं कर पायेगा डिटेक्टर

प्रतुल शाहदेव ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के लिए खरीदे गये अंडर व्हिकल सर्च मिरर, जिससे गाड़ी के चेसिस के नीचे लगे बम की जांच होती है, भी बेकार पाया गया. यह उपकरण भी गाड़ी के नीचे आईईडी और बम को डिटेक्ट नहीं कर पाया. भाजपा नेता ने कहा कि रिपोर्ट में कहा गया है कि हाई एक्सप्लोसिव, टीएनटीको डिटेक्ट करने वाला एक्सप्लोसिव वेपर डिटेक्टर भी पूरी तरीके से गड़बड़ है. यह कुछ भी डिटेक्ट नहीं कर पाया.

हाईकोर्ट की सुरक्षा से हो रहा है खिलवाड़ – शाहदेव

प्रतुल ने कहा कि न्यायपालिका के राज्य की सर्वोच्च संस्था हाईकोर्ट की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है. टेक्नोलॉजी समय के साथ बदलती है. इसलिए सुरक्षा उपकरणों को भी अपडेट किया जाता है, लेकिन यहां तो एक वर्ष पूर्व खरीदे गये सुरक्षा उपकरण ही फेल हैं. प्रतुल ने कहा कि मामला जून 2024 में प्रकाश में आया, लेकिन राज्य सरकार ने एक साल से इसको दबा रखा है. अभी तक संबंधित कंपनी और अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

हाईकोर्ट की सुरक्षा को तुरंत दुरुस्त करे सरकार – भाजपा

भाजपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वह अविलंब हाईकोर्ट की सुरक्षा को दुरुस्त करने के लिए कड़े कदम उठायें. जरूरत हो, तो केंद्रीय गृह मंत्रालय या संबंधित केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी से संपर्क कर उच्च न्यायालय में अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण लगायें. प्रतुल ने कहा कि राज्य सरकार किसी संवैधानिक संस्था की सुरक्षा को हल्के में न ले. घटिया उपकरण सप्लाई करने वाली एजेंसी पर भी कार्रवाई करे.

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By Mithilesh Jha

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