'विपक्ष के बहकावे में न आएं'- बवाल के बाद CM हेमंत का छात्रों को संदेश, लाठी चार्ज पर क्या बोले सिटी एसपी

जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर हुए विधानसभा घेराव और बवाल के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से संवाद का न्योता दिया है. उन्होंने विपक्ष के भड़काने वाले मनसूबों से सावधान रहने की अपील की. वहीं, सिटी एसपी पारस राणा ने बल प्रयोग की वजह बताई.

Hemant Soren, रांची : जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर सोमवार को हुए अभ्यर्थियों के अभूतपूर्व विधानसभा घेराव और देर शाम हुए बवाल के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और रांची के सिटी एसपी पारस राणा के सामने आ चुके हैं. एक तरफ जहां मुख्यमंत्री ने युवाओं को संवाद का न्योता देते हुए उनकी मांगों पर गंभीर कार्रवाई का भरोसा दिया है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन ने स्थिति को संभालने के दौरान हुए बल प्रयोग और पुलिसकर्मियों पर हुए पथराव की पूरी जानकारी दी है.

"दोषी चाहे जो हो बख्शा नहीं जाएगा"- CM हेमंत सोरेन

झारखंड विधानसभा घेराव के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर अपना संदेश साझा करते हुए सबसे पहले पुलिस और प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए धन्यवाद किया. इसके बाद युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाना छात्रों का अधिकार है और उनकी बात को सुनना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के वरिष्ठ मंत्री लगातार अभ्यर्थियों से संवाद कर रहे हैं और उनकी मांगों पर पूरी संवेदनशीलता से कार्रवाई की जाएगी. पिछले दिनों की कार्रवाइयों का हवाला देते हुए सीएम ने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, सरकार ने किसी को नहीं बख्शा है. उनका मकसद परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और सुरक्षित बनाना है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने छात्रों को आगाह करते हुए अपील की कि वे विपक्ष के राजनीतिक नैरेटिव और भड़काने वाले मनसूबों के बहकावे में न आएं, बल्कि सरकार के साथ संवाद और विश्वास के जरिए इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें.


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"स्थिति को कंट्रोल करने के लिए करना पड़ा हल्का बल प्रयोग"- सिटी एसपी

दूसरी ओर, रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने मीडिया से बातचीत करते हुए विधानसभा परिसर के बाहर हुई पुलिसिया कार्रवाई का पूरा ब्योरा दिया. उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के आयोजक खुद भी छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद भीड़ में से पथराव किया गया. उग्र भीड़ जब सुरक्षा घेरा तोड़कर सीधे विधानसभा के मुख्य द्वार के समीप पहुंच गई और पथराव में पुलिस जवान घायल होने लगे, तब स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. सिटी एसपी ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई में कुछ छात्रों को भी मामूली चोटें आई हैं. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि घटना के बाद किसी भी प्रदर्शनकारी को हिरासत में नहीं लिया गया है और पुलिस प्रशासन ने पूरी संवेदनशीलता के साथ छात्रों को वहां से सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से उनके गंतव्य स्थानों की ओर रवाना कराया है.

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लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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