PHOTOS: मां काली की शरण में हेमंत सोरेन, कोलकाता के कालीघाट मंदिर में ऐसे की पूजा

Hemant Soren in Kalighat Temple: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोलकाता के कालीघाट में पत्नी कल्पना मुर्मू सोरेन के साथ मां काली की पूजा-अर्चना की. गर्भगृह में हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन की तस्वीरें यहां देखें.

Hemant Soren in Kalighat: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 2 दिन से पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हैं. बृहस्पतिवार (6 फरवरी 2025) को वह अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ कोलकाता के प्रसिद्ध काली मंदिर पहुंचे. हेमंत सोरेन ने ह्वाइट एंड ब्लू स्ट्राइप वाली टी-शर्ट और पैंट पहन रखी थी. कल्पना मुर्मू सोरेन सफेद सलवार सूट में थीं. उन्होंने सिर पर सफेद रंग का दुपट्टा भी रखा था.

काली मंदिर के गर्भगृह में पूजा-अर्चना करते हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन. फोटो : प्रभात खबर

हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने काली मंदिर के गर्भगृह में एक साथ मां काली की पूजा-अर्चना की. कालीघाट के पंडा ने मंत्रोच्चार करवाया. दोनों ने मिलकर मां काली के चरण स्पर्श किये. उनके साथ झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी और अन्य वरीय पदाधिकारी भी थे. पंडा ने हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन के कंधे पर चुनरी डाली. मंदिर से बाहर निकलने तक चुनरी दोनों के कंधे पर थी.

हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन के साथ झारखंड के अधिकारियों ने भी कालीघाट मंदिर में की पूजा-अर्चना. फोटो : प्रभात खबर

इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश और राज्य के विकास में कई लोगों की भागीदारी होती है. हमारे राज्य में कई लोग निवेश करते हैं. बंगाल और झारखंड में कई समानताएं हैं. यह पूछने पर कि क्या झारखंड में भी बंगाल की तरह निवेशक सम्मेलन करेंगे, उन्होंने कहा कि झारखंड में तो लोग ऐसे ही रुचि रखते हैं.

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काली मंदिर में हेमंत सोरेन ने कल्पना मुर्मू सोरेन को लगााय टीका. फोटो : प्रभात खबर

हेमंत सोरेन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के न्योते पर बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंचे थे. उन्होंने बुधवार को इस समिट में झारखंड पैवेलियन का उद्घाटन किया था. बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट 2025 में झारखंड को 26 हजार करोड़ के निवेश का प्रस्ताव मिला है, जिससे 15 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है.

कालीघाट मंदिर में हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और झारखंड सरकार के पदाधिकारी. फोटो : प्रभात खबर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी धर्मपत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन के साथ कोलकाता स्थित शक्तिपीठ कालीघाट में मां काली के दर्शन किये. दोनों ने गर्भगृह में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. उन्होंने झारखंड राज्य की उन्नति, सुख, समृद्धि एवं शांति के साथ-साथ राज्य के लोगों की खुशहाली की कामना भी की.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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