झारखंड में अब स्कूली बच्चों को 'ई-साइकिल' देगी हेमंत सरकार, कल्याण विभाग की बैठक में CM का निर्देश

Hemant Soren: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में कई बड़े फैसले लिए. सरकार अब छात्रों को पारंपरिक साइकिल की जगह ई-साइकिल देगी. इसके अलावा, रिम्स सहित सभी जिला अस्पतालों में ST-SC मरीजों के लिए विशेष हेल्प डेस्क बनेगा और मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत लाभुकों के फीडबैक के लिए कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा.

रांची से विवेक चंद्र की रिपोर्ट

Hemant Soren, रांची : झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को मंत्रालय में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. इस बैठक में सीएम ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, समयबद्ध और लक्ष्य आधारित तरीके से किया जाए, ताकि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचे. बैठक में कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

बैठक के 6 बड़े फैसले और दिशा-निर्देश

  1. पारंपरिक की जगह मिलेगी ‘ई-साइकिल’ (E-Cycle)

साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा बदलाव करने का निर्देश दिया. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अब विद्यार्थियों को पारंपरिक साइकिल की जगह ई-साइकिल उपलब्ध कराई जाए. इसके लिए जल्द ही एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी. सीएम का मानना है कि इससे दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं को समय पर स्कूल पहुंचने में मदद मिलेगी.

  1. रिम्स और जिला अस्पतालों में ST-SC हेल्प डेस्क

कल्याण विभाग की बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया. मुख्यमंत्री ने रांची के रिम्स (RIMS) सहित राज्य के सभी जिला अस्पतालों में अनुसूचित जनजाति (ST) और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के मरीजों की सहायता के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्देश दिया, ताकि गरीब मरीजों को इलाज, जांच और पंजीकरण (Registration) में कोई परेशानी न हो.

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  1. उत्कृष्ट विद्यालयों में शिफ्ट होंगे आश्रम छात्र

मुख्यमंत्री ने एनजीओ (NGO) द्वारा संचालित आश्रम विद्यालयों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से उन्हें मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों (Schools of Excellence) में स्थानांतरित (Shift) करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया. इसके साथ ही गढ़वा, देवघर और साहिबगंज में निर्मित अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों तथा एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों, भोजन, सुरक्षा और बिजली-पानी की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा.

  1. मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा और कॉल सेंटर

सीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभुकों से सीधे संवाद कर उनके बिजनेस और बैंकिंग सहयोग का फीडबैक लिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित आवेदनों का निष्पादन तुरंत किया जाए. साथ ही लाभुकों के लिए नियमित रूप से ट्रेनिंग (प्रशिक्षण) की व्यवस्था हो. इसके अलावा लाभुकों से लगातार फीडबैक लेने के लिए एक कॉल सेंटर स्थापित करने के लिए निर्देशित किया गया है.

  1. कौशल विकास को बाजार की जरूरतों से जोड़ें

मुख्यमंत्री ने साफ लहजे में कहा कि कौशल विकास (Skill Development) कार्यक्रम केवल औपचारिकता बनकर न रहें. इन्हें स्थानीय आवश्यकताओं और उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार किया जाए, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण के बाद सीधे रोजगार या स्वरोजगार मिल सके.

  1. SIR और जनगणना को लेकर जागरूकता

स्कूली बच्चों को सामाजिक प्रक्रियाओं से जोड़ने के लिए सीएम ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और जनगणना के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि वे समाज और अपने परिवार को भी इसके प्रति सचेत कर सकें.

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Published by: Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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