रांची. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की तत्कालीन अध्यक्ष डॉ नीलिमा केरकेट्टा द्वारा दो वर्ष पूर्व राज्य सरकार को लिखे गये पत्र को लेकर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने हेमंत सरकार पर निशाना साधा है.
श्री सेठ ने कहा कि तत्कालीन अध्यक्ष ने सरकार को आयोग की कार्यप्रणाली, सदस्यों द्वारा फाइलों को लटकाने और नियुक्तियों में हो रही देरी से स्पष्ट रूप से आगाह किया था, लेकिन सरकार इस पत्र पर कुंडली मारकर बैठी रही.
कहा कि यह पत्र केवल प्रशासनिक दस्तावेज नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को लेकर एक गंभीर चेतावनी थी. जेपीएससी सदस्यों की मनमानी के कारण संयुक्त असैनिक प्रतियोगिता परीक्षा, विश्वविद्यालयों में कुलसचिवों, परीक्षा नियंत्रकों और शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया महीनों तक बाधित रही.
उन्होंने सवाल उठाया कि दो साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने इस पत्र पर क्या कार्रवाई की, इसका जवाब राज्य के युवाओं को मिलना चाहिए. सांसद ने मांग की है कि तत्कालीन अध्यक्ष के पत्र पर हुई कार्रवाई को सार्वजनिक किया जाये. लंबित नियुक्ति प्रक्रियाओं की समीक्षा की जाये और आयोग की कार्यप्रणाली में अनावश्यक विलंब की निष्पक्ष जांच करायी जाये.
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