रांची. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एमएमडीआर संशोधन विधेयक के विरोध को लेकर झामुमो और कांग्रेस पर निशाना साधा है. भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों के आंदोलन और युवाओं की मांगों को डायल्यूट करने के लिए इस विधेयक का बहाना बनाकर भ्रम फैला रही है. श्री मरांडी ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार राज्यों का खनिज राजस्व नहीं छीन रही है.
नये संशोधन के बावजूद रॉयल्टी, डीएमएफ, एनएमइटी और नीलामी प्रीमियम में राज्यों की हिस्सेदारी यथावत रहेगी तथा खनन से होने वाली कमायी का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को ही मिलेगा. उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2014-15 से 2024-25 के बीच राज्यों का खनिज राजस्व 354 प्रतिशत बढ़कर 1,14,549 करोड़ रुपये हो गया है. नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि झारखंड की असली समस्या केंद्र नहीं, बल्कि राज्य सरकार की गलत नीतियां हैं.
पिछले छह वर्षों में झारखंड ने केवल चार खदानों की नीलामी की, जिनमें से एक भी चालू नहीं हो सकी. इसके विपरीत ओडिशा ने 35 खदानें चालू कर 87,000 करोड़ रुपये का प्रीमियम हासिल किया. श्री मरांडी ने कहा कि राज्य में जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल की धांधली के खिलाफ छात्र 20 दिनों से अनशन पर हैं. जब छात्रों ने सीएम आवास घेराव की चेतावनी दी, तब सरकार बातचीत के लिए जागी. जेपीएससी अध्यक्ष पद के लिए 70 करोड़ के लेन-देन से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों पर भी उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की. प्रेसवार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा भी मौजूद रहे.
ये भी पढ़ें: रांची में 5 लाख के ब्राउन शुगर के साथ महिला गिरफ्तार, पुलिस को देख भाग रही थी आरोपी
ये भी पढ़ें: JPSC पर फिर घिरी हेमंत सरकार, 2 साल पुराने पत्र को लेकर संजय सेठ ने उठाये बड़े सवाल
