बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र, झारखंड में 3 दिन होगी बारिश, कई जगहों पर भारी वर्षा की चेतावनी

Heavy Rain Alert: झारखंड में लगातार 3 दिन तक बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने दी है. बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के डिप्रेशन में तब्दील होने के बाद झारखंड के कई जिलों के लिए मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम केंद्र रांची ने कहा है कि रांची में भी 3 दिन तक हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हो सकती है. उच्चतम तापमान में गिरावट आने की संभावना जतायी गयी है.

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Heavy Rain Alert: बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बनने के कारण मौसम विभाग ने झारखंड में 3 दिन तक हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने का अनुमान व्यक्त किया है. साथ ही कहा है कि कुछ-कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार 1 अक्टूबर 2025 को एक बुलेटिन जारी कर कहा कि पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर ‘एक स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र’ बना हुआ है.

लो प्रेशर एरिया के डीप डिप्रेशन में तब्दील होने की संभावना

उसने कहा, ‘2 अक्टूबर की सुबह तक इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम हिस्से के ऊपर एक अवदाब में तब्दील होने की संभावना है. उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर आगे बढ़ते हुए, इसके और भी तीव्र होकर एक गहरे अवदाब में तब्दील होने और 3 अक्टूबर की सुबह तक दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्रप्रदेश के तटों को पार करने की संभावना है.’

झारखंड में 2 से 4 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी

झारखंड की राजधानी रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के पास हिनू रोड स्थित मौसम केंद्र रांची के मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने कहा है कि मौसमी प्रणाली का असर झारखंड में देखने को मिलेगा. 2 अक्टूबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश देखने को मिल सकती है. अधिकांश जगहों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने का अनुमान है. 3 और 4 अक्टूबर को भी कुछ-कुछ जगहों पर बहुत भारी वर्षा हो सकती है.

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2 अक्टूबर दक्षिणी एवं मध्य झारखंड में कहीं-कहीं भारी वर्षा संभव

मौसम वैज्ञानिक ने कहा कि 2 अक्टूबर को राज्य के दक्षिणी एवं मध्य भागों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है. वहीं, राज्य में कहीं-कहीं गरज और तेज हवाओं के साथ वर्षा एवं वज्रपात होने की संभावना है. इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है.

2 अक्टूबर को इन जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट

  1. धनबाद
  2. बोकारो
  3. रामगढ़
  4. रांची
  5. लोहरदगा
  6. गुमला
  7. खूंटी
  8. पूर्वी सिंहभूम
  9. सरायकेला-खरसावां
  10. पश्चिमी सिंहभूम
  11. सिमडेगा

3 अक्टूबर के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी

उन्होंने कहा कि 3 अक्टूबर के लिए येलो अलर्ट और ऑरेंज अलर्ट दोनों जारी किया गया है. इस दिन झारखंड के उत्तर-पश्चिमी भाग में कहीं-कहीं पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है. वहीं, उत्तर-पश्चिमी, उत्तर-मध्य एवं उससे सटे मध्य भागों में कहकीं-कहीं पर भारी वर्षा होने की संभावना है. इस दौरान कुछ जगहों पर 30 से 40 किमी की रफ्तार से आंधी चलेगी और गर्जन के साथ वर्षा-वज्रपात हो सकती है.

3 अक्टूबर को इन 3 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

  1. चतरा
  2. गढ़वा
  3. पलामू

3 अक्टूबर को इन 6 जिलों में कहीं-कहीं होगी भारी बारिश

  1. धनबाद
  2. गिरिडीह
  3. कोडरमा
  4. लातेहार
  5. बोकारो
  6. हजारीबाग

4 अक्टूबर के लिए भी मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

मौसम वैज्ञानिक ने कहा है कि 4 अक्टूबर के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है. राज्य के उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी भागों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है. राज्य में कहीं-कहीं पर गर्जन और तेज हवाओं (गति 30 से 40 किमी प्रति घंटा) के साथ वज्रपात होने की संभावना है. इसलिए लोगों को सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है.

Heavy Rain Alert: 4 अक्टूबर को इन जिलों में भारी वर्षा की संभावना

  1. दुमका
  2. गोड्डा
  3. पाकुड़
  4. साहिबगंज
  5. चतरा
  6. गढ़वा
  7. पलामू

उच्चतम तापमान में धीरे-धीरे आ सकती है गिरावट

मौसम केंद्र ने अपने बुलेटिन में कहा है कि राज्य में अगले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बदलाव होने संभावना नहीं है. इसके बाद अगले 3 दिन में उच्चतम तापमान में धीरे-धीरे 3 से 5 डिग्री सेंटीग्रेड तक की गिरावट आ सकती है.

रांची में 2 से 4 अक्टूबर तक हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा की संभावना

राजधानी रांची में 2, 3 और 4 अक्टूबर को आसमान में बादल छाये रहेंगे. दो या इससे अधिक बार हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होगी. उच्चतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जायेगी. बुधवार को रांची का उच्चतम तापमान 33 डिग्री था, जो धीरे-धीरे घटकर 29 और फिर 27 डिग्री सेंटीग्रेड तक हो सकता है.

1 अक्टूबर को 5.1 मिलीमीटर हुई बारिश

राज्य में 1 अक्टूबर को कुल 5.1 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो सामान्य वर्षा 3.3 मिलीमीटर से 54 प्रतिशत अधिक है. अगर पूरे मानसून सीजन (1 जून से 30 सितंबर 2025 तक) की बात करें, तो झारखंड में सामान्य से 18 फीसदी अधिक बारिश हुई. झारखंड में सबसे अधिक उच्चतम तापमान सरायकेला जिले में दर्ज किया गया. यहां का उच्चतम तापमान 36.7 डिग्री सेंटीग्रेड रहा. सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री लातेहार में दर्ज किया गया.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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