रांची. जनवादी लेखक संघ (जलेस) के तत्वावधान में रविवार को सफदर हाशमी सभागार में ‘अभिव्यक्ति पर बढ़ते हमले’ विषय पर गोष्ठी आयोजित की गयी. इसमें लेखक, साहित्यकार और बुद्धिजीवियों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे.
जलेस के जिला सचिव एम जेड खान ने कहा कि हाल की घटनाएं बताती हैं कि सच बोलना और लिखना सिर्फ गुनाह नहीं, बल्कि बहुत बड़ा जुर्म बना दिया गया है. सच बोलने और लिखने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किये जाते हैं और उन्हें जेल तक भेज दिया जाता है. उन्होंने कहा कि जेन जी आंदोलन के बाद देश में बदलाव देखने को मिल रहा है.
निरंतर गोष्ठियां आयोजित करने पर बनी सहमति
गोष्ठी में इस तरह के आयोजनों को लगातार जारी रखने पर सहमति बनी. वक्ताओं ने कहा कि जलेस और समान विचारधारा वाले लेखकों के समूह को लोगों के बीच जाने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर संवाद बढ़ाने की जरूरत है.
गोष्ठी को डॉ विनोद कुमार, डॉ किरण, उपन्यासकार विनोद कुमार, फैसल अनुराग, सुधीर पाल, श्रीनिवास, एस चटर्जी, कुमार बृजेंद्र और नजमा नाहिद अंसारी ने संबोधित किया. अध्यक्षता प्रो अरुण कुमार ने की. मौके पर डॉ जमशेद कमर, आसमा जबीं, रामदेव बड़ाइक, छोटनी असुर, मो अमान, निशाद खान, श्वेत कमल, विक्की मिंज, केके राठौर समेत अन्य उपस्थित थे. कार्यक्रम के अंत में राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी.
