प्रवासी मजदूरों के पुनर्वास व जीविका के नये साधन अपनाने पर दिया गया बल

प्रवासी मजदूरों के पुनर्वास व जीविका के नये साधन अपनाने पर दिया गया बल

रांची : यूजीसी महिला अध्ययन केंद्र पटना विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष डॉ सुनीता राय की अोर से शुक्रवार को कांके रोड स्थित आवास से प्रवासी मजदूरों को लेकर वेबिनार का आयोजन किया गया. संवाद में प्रवासी मजदूरों के पुनर्वास व जीविका के नये साधन के उपायों पर प्रकाश डाला गया. वेबिनार के मुख्य वक्ता इंडिया फाउंडेशन बोर्ड अॉफ गवनर्स के मेंबर राम माधव थे.

उन्होंने प्रवासी मजदूरों की कठिनाइयों पर खेद प्रकट किया एवं केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि केंद्र ने दिल्ली से पलायन कर रहे दो-तीन लाख मजदूर परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था की. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही डॉ सुनीता राय ने कोविड-19 के समय मजदूरों के पलायन पर सवाल किया कि इसमें भारत सरकार की क्या राय है.

प्रवासी मजदूरों के मामले में बिहार जैसे राज्यों के लिए विशेष कार्य योजना है, तो बिहार सरकार के लिए सुझाव दें. प्रो तपन कुमार शांडिल ने स्टार्ट अप व सप्लाई चेन पर युवाअों को प्रोत्साहित किया. संवाद के सह अध्यक्ष डॉ सलीम जावेद ने भी विचार रखे. डॉ राकेश रंजन ने धन्यवाद ज्ञापन किया. कार्यक्रम में बुद्धिजीवियों के अलावा सैकड़ों छात्र-छात्राअों ने भाग लिया. पांच हजार से अधिक लोग फेसबुक के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े हुए थे.

posted by : pritish Sahay

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By Prabhat Khabar News Desk

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