Ranchi news : बांस-बल्ली के सहारे मोहल्लों में हो रही बिजली की आपूर्ति
राजधानी व उसके बाहरी इलाकों में बिजली के पोल और तार लगाने को लेकर झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड गंभीर नहीं है.
-बिजली के पोल और तार लगाने को लेकर जेबीवीएनएल गंभीर नहींरांची. राजधानी व उसके बाहरी इलाकों में बिजली के पोल और तार लगाने को लेकर झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड गंभीर नहीं है. पोल व तार लगाने को लेकर लोग वर्षों से बिजली कार्यालयों का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन इस दिशा में कोई पहल नहीं की गयी. रिंग रोड से सटे कांके, नामकुम व न्यू पुंदाग के कई मोहल्लों के अलावा हेथू से खोजाटोली के बीच कई ऐसे नये मोहल्ले हैं, जहां बांस-बल्ली के सहारे लोगों के घरों तक बिजली पहुंची है. इससे हमेशा खतरा बना रहता है. पुंदाग फीडर से जुड़े बूचाटोली से आगे बांस और बल्लियों के सहारे ही लोगों के घरों तक बिजली पहुंच रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहल्ले में ट्रांसफाॅर्मर तो लगा है, लेकिन बिजली के पोल और तार नहीं लगाये गये. बिजली वितरण निगम के अभियंताओं को परेशानियों से अवगत कराया गया है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है.
पोल व तार के लिए कई बार पत्र लिखा गया
रांची आपूर्ति अंचल से जरूरी उपकरणों की कमी को देखते हुए जेबीवीएनएल मुख्यालय को पूर्व में कई बार पत्र लिखा गया, जिसमें ट्रांसफाॅर्मर, पोल और एलटी केबल की मांग की गयी थी. इसमें पिछले साल जनवरी में 200 केवीए का 200 ट्रांसफाॅर्मर, 1000 किलोमीटर तार और कम भार वाले 4000 पोल की मांग की गयी थी.
झारखंड में बिजली नेटवर्क का हो रहा विस्तार
भारत सरकार द्वारा झारखंड में बिजली नेटवर्क का विस्तार किया जायेगा. इस पर रिवैम्प डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत 3132 करोड़ रुपये खर्च होंगे. शहरी क्षेत्र में 11 केवी लाइन के तार को बदल कर कवर्ड किया जाना है. 25516 सर्किट किमी कवर्ड वायर, 5395 ट्रांसफॉर्मर और पोल लगाये जायेंगे. रांची सर्किल के रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा में 776.22 करोड़ रुपये खर्च होने हैं. इस योजना से निगम को घाटा कम करने में सहायता मिलेगी. वहीं, ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों में बिजली का बेहतर नेटवर्क स्थापित किया जा सकेगा.
केस : एक
रांची नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर – 6 से जुड़े बांधगाड़ी रोड नंबर-2 में दो बिजली का पोल और दो स्पैन तार की जरूरत है. इसके लिए कई बार अधिकारियों से गुहार लगायी गयी. पार्षद मोनिका खलखो ने 20 दिसंबर 2022 को आयोजित ऊर्जा मेला में शिकायत भी दर्ज करायी थी. लेकिन, अभी तक बिजली का खंभा नहीं लगाया जा सका है.
केस : दो
रांची के चुटिया थाना के करीब गैस एजेंसी से थोड़ा आगे काली मंदिर के विपरीत वाले रास्ते के बीच सालों पुराना लकड़ी का खंभा पूरी तरह से सड़ गया है. इसके लिए विद्युत कार्यपालक अभियंता को 22 सितंबर 2015 को ही मोहल्ले वासियों के हस्ताक्षर के साथ आवेदन सौंपा गया था. लेकिन, अभी तक बिजली का खंभा नहीं बदला गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
