Ranchi news : फर्जी नक्सली सरेंडर मामले में राज्य सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दायर करने का निर्देश

चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चाैहान व जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दाैरान राज्य सरकार का पक्ष सुना.

मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी

रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने 514 आदिवासी युवाओं को फर्जी नक्सली बता कर सरेंडर कराने व ट्रेनिंग दिलाने के मामले की जांच को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की. चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चाैहान व जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दाैरान राज्य सरकार का पक्ष सुना. इसके बाद राज्य सरकार के आग्रह को स्वीकार करते हुए स्टेटस रिपोर्ट दायर करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने 20 नवंबर की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व राज्य सरकार की ओर से स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के लिए खंडपीठ से समय देने का आग्रह किया गया, जिसे खंडपीठ ने स्वीकार कर लिया. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार ने पक्ष रखा. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी झारखंड काउंसिल फॉर डेमोक्रेटिक राइट की ओर से जनहित याचिका दायर की गयी है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि 514 आदिवासी युवाओं को सीआरपीएफ में नौकरी दिलाने के नाम पर उन्हें फर्जी नक्सली बता कर सरेंडर कराया गया था. राज्य सरकार के वरीय पुलिस अधिकारियों ने करोड़ों रुपये खर्च किया था, ताकि उन्हें केंद्रीय गृहमंत्री के सामने अवार्ड मिल सके. पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार को निर्देश दिया था. पूछा था कि क्या सरेंडर कराये गये युवाओं को प्रशिक्षण दिलाने की कानूनी वैधता थी.

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By DEEPESH KUMAR

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