एक ही आदेश में दो अलग बातें! धनबाद जमीन विवाद में हाईकोर्ट ने निचली अदालत को फिर सुनवाई का दिया निर्देश

झारखंड हाइकोर्ट ने धनबाद जमीन विवाद मामले में निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने निषेधाज्ञा आवेदन पर फिर से सुनवाई करने का निर्देश दिया है।

रांची: धनबाद के जमीन विवाद से जुड़े मामले में झारखंड हाइकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को रद्द करते हुए अस्थायी निषेधाज्ञा के आवेदन पर नये सिरे से सुनवाई का निर्देश दिया है. जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने सुभाष कुमार चौधरी की ओर से दायर अपील पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया.

मामला धनबाद के सिविल जज (वरीय श्रेणी) की अदालत में लंबित मूल वाद से जुड़ा है. वादियों ने विवादित जमीन पर अपने अधिकार की घोषणा, कुछ पंजीकृत बिक्री विलेखों को रद्द करने तथा स्थायी एवं अनिवार्य निषेधाज्ञा की मांग की थी. साथ ही सीपीसी के आदेश 39 के नियम एक व दो के तहत आवेदन देकर विवादित जमीन की बिक्री, कब्जा हटाने और किसी भी तरह के निर्माण पर रोक लगाने का आग्रह किया था.

निचली अदालत ने 26 अगस्त को अस्थायी निषेधाज्ञा का आवेदन खारिज कर दिया था. हालांकि, उसी आदेश में मुकदमे के अंतिम निपटारे तक विवादित जमीन पर यथास्थिति बनाये रखने का निर्देश दिया गया था. इसे सुभाष कुमार चौधरी ने हाइकोर्ट में चुनौती दी थी.

दोनों निष्कर्ष आपस में असंगत

सुनवाई के दौरान हाइकोर्ट ने पाया कि निचली अदालत ने एक ओर कहा कि वादियों के पक्ष में प्रथमदृष्टया मामला और सुविधा का संतुलन साबित नहीं हुआ है, जबकि दूसरी ओर विवादित जमीन पर यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया गया.

हाइकोर्ट ने कहा कि दोनों निष्कर्ष आपस में संगत नहीं हैं. ऐसे में यथास्थिति बनाये रखने का आदेश कानूनी रूप से उचित नहीं था.

अदालत ने निचली अदालत के आदेश को रद्द करते हुए अस्थायी निषेधाज्ञा के आवेदन पर कानून के अनुसार नये सिरे से सुनवाई करने का निर्देश दिया है.

यह भी पढ़ें: आदिवासी जमीन खरीदी है तो सावधान! Jharkhand HC ने सुनाया बड़ा फैसला, CNT Act तोड़ा तो जमीन नहीं मानी जाएगी वैध



प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By सतीश सिंह

मेरा मीडिया जगत में 25 वर्षों का अनुभव है. 'प्रभात खबर' के प्रमुख संवाददाता के रूप में 22 वर्षों की अपनी यात्रा के दौरान, निष्पक्षता, गहराई और सत्य के प्रति प्रतिबद्धता के साथ पत्रकारिता की है. रांची में रहकर पिछले 15 वर्षों तक हाईकोर्ट रिपोर्टिंग की है. वर्तमान में मैं राजनीतिक और विभागीय रिपोर्टिंग के माध्यम से समाज को जागरूक और शिक्षित करने का कार्य निरंतर कर रहा हूं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >