दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल और पंजाब सीएम भगवंत मान पहुंचे रांची, आज सीएम हेमंत सोरेन से होगी भेंट

दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण के लिए लाये गए केंद्रीय अध्यादेश के खिलाफ समर्थन की मांग करने दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल और पंजाब सीएम भगवंत मान गुरुवार की देर शाम रांची पहुंचे. दाे जून को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से दोनों मुख्यमंत्री भेंट कर सहयोग मांगेंगे.

Jharkhand News: आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत पार्टी के अन्य नेतागण गुरुवार की देर शाम रांची पहुंचे. बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत हुआ. दो जून को यानी आज झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात होनी है. इस मुलाकात में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण के लिए लाये गये केंद्रीय अध्यादेश के विरोध को लेकर सहयोग की मांग करेंगे. बता दें कि इससे पहले दिल्ली सीएम ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मिलकर सहयोग की मांग की थी.

दो जून को सीएम हेमंत सोरेन से मिलेंगे दिल्ली और पंजाब के सीएम

केंद्रीय अध्यादेश का विरोध और गैर- भाजपा शासित राज्यों में उत्पन्न संकट को लेकर दो जून को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से दिल्ली और पंजाब के सीएम भेंट करेंगे. इस दौरान सहयोग की मांग की जाएगी. साथ ही 2024 के लोकसभा चुनाव की रणनीति को लेकर भी चर्चा कर सकते हैं.

केंद्रीय अध्यादेश का तमिलनाडु सीएम करेगी विरोध

बता दें कि इससे पहले दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाली तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन से मिलने चेन्नई पहुंचे थे. इस मौके पर तमिलनाडु सीएम ने कहा था कि केंद्र सरकार आम आदमी पार्टी के लिए संकट उत्पन्न कर रही है. कहा कि विधिवत चुनी हुई सरकार को स्वतंत्र रूप से काम करने से रोक रहा है. स्टालिन ने केंद्र पर गैर-भाजपा शासित राज्यों में संकट उत्पन्न करने का आरोप लगाया और कहा कि द्रमुक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण के लिए लाये गए केंद्रीय अध्यादेश का कड़ा विरोध करेगी.

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पंजाब सरकार भी इसी तरह की समस्या से जूझ रही

इस मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि द्रमुक सरकार को एक ऐसे राज्यपाल के खिलाफ लड़ाई लड़नी पड़ी, जिसने न केवल विधानसभा विधेयकों का अनुमोदन करने से परहेज किया, बल्कि राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए भाषण को भी नहीं पढ़ा. कहा कि पंजाब सरकार भी इसी तरह की समस्याओं का सामना कर रही है. कहा कि मुझे भी बजट सत्र बुलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रूख करना पड़ा क्योंकि राज्यपाल इसकी अनुमति नहीं दे रहे थे.

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