हटिया के 3 नंबर प्लेटफॉर्म पर 17 से 21 वर्ष के 4 लड़कों के कारनामे देख आरपीएफ जवान रह गए दंग

Crime News: रांची के हटिया स्टेशन के 3 नंबर प्लेटफॉर्म पर 4 संदिग्ध को आरपीएफ ने हिरासत में लिया. इनकी पहचान उजागर होने और पिट्ठू बैग की तलाशी लेने पर क्या हुआ?

Crime News: झारखंड की राजधानी रांची के हटिया रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म संख्या 3 पर आरपीएफ के जवान उस वक्त दंग रह गए, जब उन्होंने 4 संदिग्ध को देखा और उनको हिरासत में लिया. आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर रांची मंडल में शराब तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान ‘ऑपरेशन सतर्क’ चलाया जा रहा था.

संदेह के आधार पर 4 लोगों को आरपीएफ ने लिया हिरासत में

इसी दौरान आरपीएफ पोस्ट हटिया के निरीक्षक रूपेश कुमार, उपनिरीक्षक दीपक कुमार और फ्लाइंग टीम रांची ने 19 दिसंबर 2024 की शाम को हटिया रेलवे स्टेशन के 3 नंबर प्लेटफॉर्म पर 4 व्यक्तियों को संदिग्ध अवस्था में देखा. संदेह के आधार पर सभी 4 लड़कों को हिरासत में ले लिया गया.

पिट्ठू बैग से मिली प्रतिबंधित शराब की 94 बोतलें

आरपीएफ के जवानों ने उनके पिट्ठू बैग की जांच की, तो पता चला कि उसमें प्रतिबंधित शराब की 94 बोतलें थीं. इनका नाम-पता पूछने पर जो जानकारी मिली, उससे आरपीएफ के जवान दंग रह गए. ये सभी 17 से 21 साल की उम्र के थे. झारखंड से शराब खरीदी थी और बिहार में इसको खपाने की तैयारी कर रहे थे. यानी सभी शराब की तस्करी में लिप्त थे.

नाबालिग समेत सभी 4 बिहार के, ये है पहचान

  • शिवम कुमार, उम्र 18 वर्ष, पिता का नाम – अशोक पासवान, निवासी- केसाबे थाना- बरौनी, जिला- बरौनी, बिहार
  • गुड्डु कुमार, उम्र 18 वर्ष, पिता का नाम – लालटुन तांती, निवासी-वार्ड नं 14, सोबरा, जिला- बरौनी, बिहार
  • अमन कुमार, उम्र -17 वर्ष, पिता का नाम -अमरजीत पासवान, निवासी-वार्ड नंबर 02, पन्नापुर, थाना-मटियानी, जिला बेगूसराय, बिहार
  • अंकुश कुमार, उम्र – 21 वर्ष, हसपुरा, औरंगाबाद, बिहार
तस्करों के पास से बरामद शराब की बोतलें और आरपीएफ की गिरफ्त में आया एक व्यक्ति.

शराब की बोतलें लेकर बिहार जाने की थी तैयारी

पूछताछ के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों ने बताया कि बरामद अवैध शराब वे ट्रेन संख्या 18105 (राउरकेला-जयनगर एक्सप्रेस) और 18624 (हटिया-इस्लामपुर एक्सप्रेस) से बिहार ले जा रहे थे. बिहार में शराब की सप्लाई करनी थी.

बरामद शराब का मूल्य 1.16 लाख रुपए

एएसआई आर शेखर ने बरामद अवैध शराब की बोतलें जब्त कर लीं हैं. 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. 20 दिसंबर को सभी को जब्त की गई सामग्री के साथ आगे की कार्रवाई के लिए राज्य उत्पाद शुल्क रांची के हवाले कर दिया गया. जब्त की गई अवैध शराब की कुल कीमत 1,16,000 रुपए है.

Also Read

रांची पुलिस के 4 पदाधिकारियों का तबादला, विधानसभा थाना प्रभारी का हुआ डिमोशन

Video: मंईयां सम्मान योजना पर बड़ी खबर, जानें कब मिलेंगे 2500 रुपए

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >