Coronavirus in Jharkhand: झारखंड में मास्क पहनना अनिवार्य, पब्लिक प्लेस पर थूका, तो जेल

Coronavirus in Jharkhand: झारखंड सरकार (cm hemant soren) ने पूरे राज्य में सार्वजानिक जगहों पर सभी तरह के तंबाकू उत्पादों जैसे : सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला, हुक्का, खैनी, जर्दा और गुटका उपयोग पर बैन (पूर्ण प्रतिबंध) लगा दिया है.

रांची : झारखंड सरकार ने पूरे राज्य में सार्वजानिक जगहों पर सभी तरह के तंबाकू उत्पादों जैसे : सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला, हुक्का, खैनी, जर्दा और गुटका उपयोग पर बैन (पूर्ण प्रतिबंध) लगा दिया है. साथ ही तमाम तरह के तंबाकू उत्पादों की बिक्री भी प्रतिबंधित कर दी है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने इससे संबंधित एक आदेश जारी कर दिया है. विभाग द्वारा जारी आदेश में लिखा गया है कि पान मसाला, खैनी, जर्दा और गुटका खाकर जहां-तहां थूकने से कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता है. आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के आलोक में सार्वजनिक जगहों पर थूकना एक दंडनीय अपराध होगा और इस पर जुर्माना के साथ-साथ छह महीने की जेल भी हो सकती है.

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विभाग द्वारा अगले आदेश तक सभी सरकारी, गैर सरकारी कार्यालय परिसर, सभी स्वास्थ्य संस्थान परिसर, सभी शैक्षणिक संस्थान एवं परिसर, सभी थाना परिसर तथा सभी सार्वजनिक जगहों पर तंबाकू पदार्थ जैसे : सिगरेट, बीड़ी, खैनी, गुटखा, पान मसाला, जर्दा एवं सुपारी के साथ हुक्का के उपयोग एवं बिक्रय को पूर्णत: प्रतिबंधित किया जाता है. अॉनलाइन बिक्री को भी प्रतिबंधित किया गया है. आदेश की अवहेलना करने पर आपदा प्रबंधन अधिनयम 2005 की धारा 51 से 60 एवं आइपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जायेगी.

सीड्स ने फैसले का किया स्वागत

झारखंड में तंबाकू नियंत्रण के लिए राज्य सरकार की तकनीकी सहयोगी संस्थान सोसिओ इकोनॉमिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी (सीड्स) के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्र ने स्वास्थ्य विभाग के आदेश का स्वागत किया है और उम्मीद जतायी है कि इससे राज्य में तंबाकू सेवन में कमी आयेगी, साथ ही कोरोना जैसी महामारी फैलने का खतरा भी कम होगा.

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मास्क पहनना अनिवार्य

रांची. झारखंड में प्रत्येक व्यक्ति को मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है. इससे संंबंधित एक आदेश स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने जारी कर दिया है. इस आदेश में लिखा गया है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 10(2)(1) के आधार पर गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 15 अप्रैल को जारी कोविड-19 मैनेजमेंट के निर्देश के आलोक में राज्य में आगामी आदेश तक प्रत्येक व्यक्ति को घर से बाहर सार्वजनिक स्थलों में निकलते समय मास्क/फेस कवर पहनना अनिवार्य किया जाता है. मास्क का प्रयोग न किये जाने पर छह महीने की सजा या जुर्माने का प्रावधान किया गया है. ऐसी स्थिति में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 एवं आइपीसी की धारी 188 के तहत कार्रवाई की जायेगी.

किस तरह का मास्क प्रयोग करना है

बाजार में मिलने वाले ट्रिपल लेयर मास्क का प्रयोग किया जा सकता है. अथवा होम मेड तीन परतों वाला फेस कवर बनाया जा सकता है. इस होम मेड मास्क/फेस कवर को साबुन से धोकर पांच घंटे धूप में सूखाकर, आयरन के बाद फिर प्रयोग कर सकते हैं.

गमछा, रूमाल या दुपट्टा भी प्रयोग कर सकते हैं

मास्क फेस कवर उपलब्ध न होने की स्थिति में गमछा, रूमाल, दुपट्टा आदि का भी फेस कवर के रूप में प्रयोग किया जा सकता है. कभी उपयोग में लाया हुआ फेस कवर का पुन: प्रयोग अच्छी तरह साफ किये बिना न किया जाये.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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