रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आदिवासी हो भाषा एवं वारंग क्षिति लिपि के जनक, साहित्यकार और समाज सुधारक ओत गुरु कोल लाको बोदरा की जयंती पर उन्हें नमन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोल लाको बोदरा ने हो भाषा और वारंग क्षिति लिपि के माध्यम से झारखंड की समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को नयी पहचान देने का ऐतिहासिक कार्य किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, पहचान, परंपराओं और पुरखों की विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है.
कोल लाको बोदरा के विचारों और योगदान से प्रेरणा
उन्होंने कहा कि कोल लाको बोदरा के विचारों और योगदान से प्रेरणा लेते हुए राज्य की जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं, संस्कृति और समृद्ध परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन और विस्तार के लिए निरंतर कार्य किया जायेगा. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी सूचनाओं में भी हेमंत सोरेन की ओर से झारखंड की कला, संस्कृति और स्थानीय पहचान के संरक्षण व विकास पर लगातार जोर दिए जाने की जानकारी दी गयी है.
