पंकज त्रिपाठी की रिपोर्ट
रांचीः झारखंड में कोयले के अवैध कारोबार पर सीआईएसएफ ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. एमएमडीआर एक्ट के तहत मिले नए अधिकारों के बाद सीआईएसएफ ने राज्य में 5,800 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3.50 करोड़ रुपए है. इसके अलावा 100 से अधिक अवैध कोयला साइटों को बंद या सील किया गया है. सूत्रों के अनुसार, अगले सप्ताह से कार्रवाई और तेज होगी. इसके लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है. सीआईएसएफ के पूर्वी क्षेत्र के अतिरिक्त महानिदेशक सुधीर कुमार रांची पहुंचे और झारखंड के अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान की रूपरेखा तय की. जानकारी के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर झारखंड में कोयले से जुड़ी अवैध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. लक्ष्य है कि किसी भी कीमत पर अवैध खनन, चोरी और तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाई जाए. इसी उद्देश्य से पिछले कुछ दिनों में सीआईएसएफ की कार्रवाई तेज हुई है, जिसे अब और व्यापक बनाया जायेगा.
सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूतः अवैध
खनन और कोयला चोरी पर अंकुश लगाने के लिए बीसीसीएल धनबाद, सीसीएल कर्गली, सीएमपी हजारीबाग और इसीएल सीतलपुर में क्विक रिस्पॉन्स टीम की संख्या बढ़ायी जायेगी. खुफिया सूचनाओं के आधार पर विशेष छापेमारी दल लगातार कार्रवाई करेंगे. ड्रोन निगरानी, वाहनों की सघन जांच और संयुक्त निरीक्षण जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाएगा. इसके अलावा तीन-स्तरीय खुफिया नेटवर्क को व्हाट्सऐप रिपोर्टिंग और जन सूचनाओं के माध्यम से और मजबूत किया जाएगा. पुलिस, जिला प्रशासन, खान विभाग और रेलवे के साथ संयुक्त अभियान चलाने की भी तैयारी है. अब तक हुई कार्रवाई में 221 केस रजिस्टर किये गये. वहीं 78 नये अवैध माइनिंग साइट पकड़े गए, जबकि 323 वाहन जब्त हुए. अवैध कारोबार में उपयोग हो रहे 04 ट्रक, टिपर, हाइवा, ट्रैक्टर, वैन, ट्रॉली, 10 स्कूटी, 140 साइकिल, 150 मोटरसाइकिल समेत अन्य वाहन भी जब्त हुए हैं.
रांची में एडीजी ने की समीक्षा बैठक
कई निर्देश पूर्वी क्षेत्र के सीआईएसएफ के अतिरिक्त महानिदेशक सुधीर कुमार ने रांची में बल के कार्यों की समीक्षा करते हुए कोयला क्षेत्रों की सुरक्षा और मजबूत करने पर जोर दिया. उन्होंने अधिकारियों से परिचालन के दौरान आने वाली चुनौतियों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. बैठक में महानिरीक्षक प्रबोध चंद्र, उप महानिरीक्षक सुमंत सिंह, जितेंद्र कुमार तिवारी, प्रनीत चंद्र, अमित माथुर, राजीव मिश्रा सहित बिहार और झारखंड में तैनात सीआईएसएफ की सभी ईकाइयों के यूनिट कमांडर और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. अतिरिक्त महानिदेशक ने अधिकारियों और जवानों के समर्पण, अनुशासन और व्यावसायिक दक्षता की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व के प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च मानकों का पालन करना आवश्यक है. उन्होंने सतर्कता, बेहतर समन्वय और परिचालन उत्कृष्टता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया.
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