रांची. वित्तीय वर्ष 2024-25 के पहले माह में सीसीएल ने पिछले साल के अप्रैल माह की तुलना में उत्पादन तो बढ़ाया है, लेकिन उठाव कम हुआ है. कंपनी का उत्पादन वित्तीय वर्ष 2023-24 के अप्रैल माह की तुलना में करीब 12 फीसदी बढ़ा है. वहीं, उठाव (ऑफ टेक) 11 फीसदी गिरा है. कंपनी ने अप्रैल माह में 6.1 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया है. वहीं, बीते साल इसी माह में कंपनी ने 5.4 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया था.
इसी तरह पिछले साल अप्रैल माह में कंपनी ने 7.7 मिलियन टन कोयले का उठाव किया था. जबकि, इस वर्ष कंपनी ने अप्रैल माह में 6.8 मिलियन टन कोयले का उठाव किया है. झारखंड में संचालित कंपनियों में उत्पादन के मामले में सबसे अच्छी स्थिति सीसीएल की है, जबकि सबसे खराब स्थिति बीसीसीएल की है. बीसीसीएल ने उत्पादन में सिर्फ 4.4 फीसदी की वृद्धि बीते साल की तुलना में की है. वहीं, उठाव के मामले में सबसे अच्छी स्थिति बीसीसीएल की है. बीसीसीएल ने बीते साल की तुलना में 1.6 फीसदी अधिक कोयले का उठाव किया है.उत्पादन में सबसे अच्छा प्रदर्शन इसीएल का
कोल इंडिया में अप्रैल माह में इस वर्ष उत्पादन के मामले में सबसे अच्छा प्रदर्शन इसीएल का रहा है. इसीएल ने 24 फीसदी की दर से उत्पादन में ग्रोथ किया है. वहीं, सबसे खराब प्रदर्शन एसइसीएल का रहा है. सभी कंपनियों ने पिछले साल की तुलना में सकारात्मक प्रदर्शन किया है. कोल इंडिया का उत्पादन भी अप्रैल 2023 की तुलना में करीब 7.3 फीसदी अधिक रहा है. कोल इंडिया ने इस वर्ष अप्रैल माह में 61.8 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया है. वहीं, बीते साल अप्रैल माह में कंपनी ने 57.8 मिलियन कोयले का उत्पादन किया था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
