Ranchi news : नर्स पद पर नियुक्त कर्मियों की वर्ष 2014 से सेवा नियमितीकरण का मामला

रिम्स निदेशक को हाजिर होने का निर्देश

रिम्स निदेशक को हाजिर होने का निर्देश मामले की अगली सुनवाई 15 अक्तूबर को होगी रांची . झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने रिम्स में नियमितीकरण से जुड़े अवमानना याचिका पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के दाैरान प्रार्थी का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने नाराजगी जताते हुए रिम्स निदेशक को सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया. इसके पहले भी मामले की सुनवाई के दौरान रिम्स की ओर से दो बार समय की मांग की गयी थी. अदालत ने रिम्स निदेशक को उपस्थित होने का निर्देश दिया था, लेकिन निदेशक उपस्थित नहीं हुए, तो अदालत ने पुन: उपस्थित होने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 15 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता सद्दाब बिन हक ने पक्ष रखा. उन्होंने अदालत को बताया कि रिम्स ने एकल पीठ के आदेश के आलोक में प्रार्थियों की सेवा वर्ष 2014 से नियमित नहीं की है. क्या है मामला लीली कुजूर एवं अन्य की ओर से वर्ष 2014 से नियमित करने, ग्रेच्युटी देने व पीएफ काटने की मांग करते हुए अवमानना याचिका दायर की गयी है. लीली कुजूर एवं अन्य की नियुक्ति स्वीकृत पद पर वर्ष 2003 में नर्स के पद पर हुई थी. रिम्स प्रशासन की ओर से उनकी सेवा को वर्ष 2018 से नियमित किया गया था, लेकिन प्रार्थियों की ओर से वर्ष 2014 से नियमित करने की मांग करते हुए रिट याचिका दायर की गयी थी. एकल पीठ ने प्रार्थियों के पक्ष में फैसला देते हुए उन्हें वर्ष 2014 से नियमित करने का आदेश दिया था. रिम्स की ओर से इस आदेश को अपील याचिका दायर कर चुनाैती दी गयी. रिम्स की अपील याचिका को खंडपीठ ने खारिज कर दिया तथा एकल पीठ के आदेश को सही ठहराया था, लेकिन रिम्स की ओर से आदेश का पालन नहीं होने पर अवमानना याचिका दायर की गयी है.

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By DEEPESH KUMAR

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