रांची में रेलवे क्रॉसिंग पर केबल स्टे ब्रिज बनाने के लिए मांगा 119 घंटे का ब्लॉक, प्रभावित होंगी 100 से ज्यादा ट्रेनें

Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची में रेलवे क्रॉसिंग पर केबल स्टे ब्रिज बनाने के लिए एल एंड टी ने रांची डीआरएम से 119 घंटे का ब्लॉक मांगा है.

Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची में सिरमटोली-मेकन फ्लाइओवर का काम कर रही कंपनी एल एंड टी ने रांची रेल डिवीजन से 119 घंटे का ब्लॉक मांगा है. एक दिन में 4-4 घंटे का ब्लॉक लेने की मांग की गयी है. सिरमटोली फ्लाइओवर में निवारणपुर से पटेल चौक तक रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर केबल स्टे ब्रिज का निर्माण होना है.

एल एंड टी के ब्लॉक की रेलवे ने की समीक्षा

इस बाबत रेलवे के अधिकारी ने बताया कि कंपनी द्वारा मांगे गये ब्लॉक की समीक्षा की गयी है. कंपनी को एक फॉर्मेट दिया गया है, जिसे भरकर देना है. इसके बाद इसकी फिर समीक्षा की जायेगी़ इसमें स्पष्ट होगा कि कंपनी किस तरह और कैसे ब्लॉक चाहती है और रेलवे को इसके लिए क्या-क्या तैयारी करनी है और कैसे समुचित ढंग से ट्रेनों का परिचालन होगा.

दक्षिण पूर्व रेलवे मुख्यालय भेजी जाएगी रिपोर्ट

इसके बाद रिपोर्ट दक्षिण-पूर्व रेल मुख्यालय कोलकाता भेजी जायेगी. वहां से स्वीकृति मिलने के बाद कंपनी को ब्लॉक दिया जायेगा. रांची के डीआरएम जसमीत सिंह बिंद्रा ने कहा कि कंपनी के अधिकारियों को फार्मेट दिया गया है. फॉर्मेट मिलने के बाद रेलवे की ओर से उसकी समीक्षा की जाएगी.

4-4 घंटे के ब्लॉक से रेल सेवा हो सकती है प्रभावित

इधर, कंपनी की ओर से ड्राइंग रांची रेल डिवीजन को पहले ही उपलब्ध करा दिया गया है. इसका अध्ययन इंजीनियरिंग विभाग ने किया है. रांची व हटिया रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन 100 से अधिक ट्रेनें गुजरतीं हैं. इसमें पैसेंजर, एक्सप्रेस व मालगाड़ी शामिल हैं. ऐसे में ट्रेनों का परिचालन घंटों रोके जाने से रेल यातायात प्रभावित हो सकती है़

कुछ दिनों पहले मंत्री बसंत सोरेन ने किया था निरीक्षण

कुछ दिनों पहले झारखंड के पथ निर्माण व भवन निर्माण मंत्री बसंत सोरेन ने सिरमटोली-मेकन फ्लाइओवर का निरीक्षण किया था. उन्होंने अधिकारियों से कार्य में आ रही अड़चनों के बारे में जानकारी ली थी. तब उन्हें बताया गया था कि केबल स्टे ब्रिज बनाने के लिए रेलवे की अनुमति नहीं मिल पायी है. मंत्री ने सारी अड़चनें दूर कर सितंबर तक हर हाल में फ्लाइओवर का निर्माण पूरा करने का निर्देश दिया है.

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By Mithilesh Jha

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