झारखंड : बीरेंद्र राम की बढ़ी मुश्किलें, ईडी ने 39.28 करोड़ की सपंत्ति किया जब्त, 36 लाख रुपये भी बरामद

ईडी ने ग्रामीण विकास विभाग के सस्पेंड चीफ इंजीनियर के करीब साढ़े 39 करोड़ की संपत्ति को सीज किया. वहीं, तीन बैंक अकाउंट में रखे 36 लाख रुपये भी जब्त किये. मालूम हो कि राज्य में भ्रष्टाचार के मामले में किसी इंजीनियर के खिलाफ की जानेवाली अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है.

Jharkhand News: ग्रामीण विकास विभाग के सस्पेंड चीफ इंजीनियर बीरेंद्र राम की मुश्किल कम नहीं हो रही है. बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने चल और अचल संपत्तियों को कुर्क किया है. इसके तहत उनके और उनके परिवारिक सदस्यों से संबंधित 39.28 करोड़ की संपत्तियों को सीज किया. इन संपत्तियों में दिल्ली, जमशेदपुर और रांची में फार्महाउस, फ्लैट, डुप्लेक्स बंगला और जमीन शामिल है. साथ ही सामूहिक बैलेंस वाले तीन बैंक खातों में रखे करीब 36 लाख रुपये को भी जब्त किया है.

ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी

ईडी ने एसीबी जमशेदपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी. जांच के क्रम में पता चला था कि बीरेंद्र राम ने ठेकेदारों को टेंडर आवंटित करने के एवज में उनसे कमीशन के नाम पर संपत्ति अर्जित की थी.

राज्य सरकार ने निगरानी जांच के दिया आदेश

इधर, राज्य सरकार ने बीरेंद्र राम के खिलाफ निगरानी जांच का आदेश भी दिया है. सरकार ने यह आदेश महाधिवक्ता की राय के बाद दिया. बता दें कि जमशेदपुर निगरानी की टीम ने जूनियर इंजीनियर सुरेश वर्मा को 10 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया था. टीम ने सुरेश वर्मा के घर की तलाशी के दौरान ऊपर के कमरे से 2.67 करोड़ रुपये जब्त किया था. जबकि यह कमरा बीरेंद्र राम के चचेरे भाई आलोक रंजन ने किराये पर ले रखा था. निगरानी ने इस मामले में सुरेश वर्मा और आलोक रंजन के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया.

ईडी ने 22 फरवरी को बीरेंद्र राम को किया था गिरफ्तार

बता दें कि ईडी ने बीरेंद्र राम को 22 फरवरी, 2023 की रात गिरफ्तार किया था. जांच के दौरान ईडी को कई नयी जानकारी मिली थी. इसी के आधार पर ईडी ने बीरेंद्र राम के चचेरे भाई आलाेक रंजन को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था.

100 करोड़ की चल और अचल संपत्ति का चला पता

मालूम हो कि ईडी ने बीरेंद्र राम के 24 ठिकानों पर छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज के आधार पर गिरफ्तार किया गया था. छापेमारी के दौरान ईडी को 30 लाख नकद और डेढ़ करोड़ रुपये के जेवरात मिले थे. वहीं, 100 करोड़ की चल और अचल संपत्ति का पता चला. वहीं, कई दस्तावेज भी मिले.

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By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

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