रांची. झारखंड हाइकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से सीआइडी की जांच रिपोर्ट बंद लिफाफे में पेश किये जाने को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह बंद लिफाफा क्या बला है और सरकार सीबीआइ जांच से क्यों परहेज कर रही है. उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि कहीं सरकार को अपनी पोल-पट्टी खुलने का डर तो नहीं है.
जांच को लटकाने-भटकाने का लगाया आरोप
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि जांच को लटकाने-भटकाने और असली गुनहगारों, नौकरी बेचकर लाभ उठाने वालों तथा उनसे फायदा लेने वालों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्र, बेरोजगार और आम नागरिक सरकार की चाल, चेहरा और चरित्र को अच्छी तरह समझ रहे हैं.
उन्होंने सवाल किया कि यदि जांच सही दिशा में हो रही है, तो फिर डर किस बात का है और यह चूहे-बिल्ली का खेल क्यों खेला जा रहा है.
सीबीआइ जांच की सिफारिश करने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि सरकार पाक-साफ है और जेपीएससी-जेएसएससी घोटालों के लाभार्थियों से उसका कोई सरोकार नहीं है, तो बिना देर किये सीबीआइ जांच की सिफारिश करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की भूमिका खुद संदेहास्पद और दागदार रही है, जनता उनकी अगुवाई वाली सीआइडी जांच पर आंख मूंदकर भरोसा कैसे करे.
