Ranchi news : मच्छरों के प्रजनन स्रोत को नष्ट करके ही डेंगू से रह सकते हैं सुरक्षित
राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर राज्य भर में चला विशेष अभियान. जिला अस्पतालों से लेकर गांवों में लोगों को किया गया जागरूक.
रांची. राज्य में बेहतर उपचार और जांच का दायरा बढ़ने से डेंगू मरीजों की तादाद घटी है. इसको लेकर जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर शुक्रवार को डेंगू से सुरक्षा के लिए राज्य भर में विशेष जन जागरूकता अभियान चलाया गया. इस अवसर पर राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत दिल्ली में राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया, जिसमें झारखंड की भी भागीदारी रही. इसका उद्देश्य लोगों को डेंगू से सुरक्षा एवं बचाव के प्रति जागरूक करना था. बताया गया कि डेंगू से बचाव के लिए कोई टीका नहीं है. जन जागरूकता और मच्छरों के प्रजनन स्रोत को नष्ट करके ही डेंगू से हम सुरक्षित रह सकते हैं.
2024 में डेंगू मरीजों की संख्या घटी
2023 में डेंगू के 12.42 प्रतिशत रोगियों की तुलना में वर्ष 2024 में 10.68 प्रतिशत डेंगू के रोगी पाये गये थे. सरकारी आंकड़ों के हिसाब से डेंगू से मृत्यु दर शून्य बतायी गयी है. 2023 में डेंगू के कारण चार मौतें हुई थीं, लेकिन 2024 में किसी की मृत्यु नहीं हुई है.डेंगू जांच के लिए राज्य में 14 सेंटिनल साइट
डेंगू और चिकनगुनिया की जांच के लिए राज्य में कुल 14 सेंटिनल साइट कार्यरत हैं. रिम्स, रांची सदर अस्पताल, एमजीएमएम जमशेदपुर, पीएमसीएच धनबाद, डीपीएचएल चाईबासा, साहेबगंज के बाद 2024 में आठ नये सेंटिनल साइट एम्स देवघर, डीपीएचएल दुमका, चाईबासा, हजारीबाग, पलामू, पूर्वी सिंहभूम, गोड्डा और सिमडेगा में शुरू किये गये हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
