शालीमार बाजार का सब्जी विक्रेता बोला : अंश और अंशिका जैसे बच्चों को देखा था
धुर्वा थाना क्षेत्र की मल्लार टोली मौसीबाड़ी से दो जनवरी (शुक्रवार) से लापता पांच वर्षीय अंश और उसकी चार वर्षीया बहन अंशिका अब भी लापता हैं.
रांची. धुर्वा थाना क्षेत्र की मल्लार टोली मौसीबाड़ी से दो जनवरी (शुक्रवार) से लापता पांच वर्षीय अंश और उसकी चार वर्षीया बहन अंशिका अब भी लापता हैं. आठवें दिन शुक्रवार की दोपहर एक बजे प्रभात खबर की टीम शालीमार बाजार पहुंची. पड़ताल के दौरान शहीद मैदान से सटे शालीमार बाजार में आलू-प्याज बेचने वाले सूरज कुमार के बारे में जानकारी मिली कि उसने पिछले शुक्रवार यानी बच्चों के लापता होने के दिन दो जनवरी को बच्चों को देखा है.
सूरज ने कहा – एक झलक देखी थी
जब प्रभात खबर की टीम सूरज के पास पहुंची, तो उसने कहा कि हां उसने अंश और अंशिका जैसे बच्चों को अपनी दुकान से थोड़ी दूरी पर शहीद मैदान के किनारे दोपहर तीन से साढ़े तीन बजे के बीच देखा था. उसने उस स्थान को भी दिखाया. उससे तब यह पूछा गया कि आप कंफर्म हैं कि वे दोनों बच्चे अंश और अंशिका ही थे, तो सूरज ने कहा, एक झलक देखी थी. कंफर्म कैसे कहें कि वही थे. लेकिन बच्चे अंश और अंशिका की ही उम्र के थे. इधर इसकी भनक थोड़ी देर बाद रांची पुलिस को भी लग गयी.
हटिया डीएसपी ने ली जानकारी
शहीद मैदान में मौजूद हटिया डीएसपी पीके मिश्रा ने सूरज के साथ ही और भी सात-आठ सब्जी विक्रेताओं को बुलाकर अंश और अंशिका के बारे में जानकारी ली. लेकिन सिर्फ सूरज ने ही कहा कि उसने अंश और अंशिका जैसे बच्चों को दो जनवरी शुक्रवार को बाजार के दिन दोपहर तीन-साढ़े तीन बजे के बीच देखा था. ज्ञात हो कि घर से निकलकर जिस दुकान से अंश-अंशिका ने फिंगर लॉलीपॉप खरीदा था, वही रास्ता आगे शहीद मैदान होते हुए शलीमार बाजार जाता है. शालीमार बाजार से सटे शहीद मैदान में जिस स्थान पर अंश और अंशिका को देखे जाने की बात कही जा रही है, वहां से करीब एक किमी की दूरी पर मेला लगा हुआ है. शालीमार बाजार और मेला के बीच में मत्स्य विभाग का कार्यालय है और उसके बाद मेला स्थल है.
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