रांची. एटीएस सोशल मीडिया में सक्रिय गैंगस्टर और इसके गुर्गों की गतिविधियों पर निगरानी रखेगा. पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद एटीएस ने इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है. सोशल मीडिया में गिरोह को चलानेवाले हैंडलर को चिह्नित करने के लिए कहा गया है. साथ ही उन पर कार्रवाई करने के साथ-साथ गिरोह का सोशल मीडिया एकाउंट भी बंद किया जायेगा. मिली जानकारी के अनुसार 11 मार्च को रायपुर जेल से अमन साहू को रांची कोर्ट में उपस्थित करने के लिए लाया जा रहा था. यहां से उसे होटवार जेल भेजना था. लेकिन पलामू के चैनपुर थाना अंतर्गत क्षेत्र में अमन साव को छुड़ाने के लिए उसके गिरोह के लोगों ने पुलिस की टीम पर हमला कर दिया. इस दौरान अमन साव और उसके गिरोह के साथ पुलिस का एनकाउंटर हुआ. एनकाउंटर में उसके मारे जाने के बाद भी उसका सोशल मीडिया एकाउंट एक्टिव था. इससे पहले 10 मार्च को अमन साव का फोटो सोशल मीडिया में पोस्ट किया गया था. अमन साव गिरोह के लिए काम करने वाला मयंक सिंह प्रत्यर्पण संधि के तहत अजरबैजान से झारखंड आने वाला है. लेकिन उसके नाम पर सोशल मीडिया एकाउंट बनाकर अमन साव गिरोह द्वारा किसी घटना को अंजाम देने के बाद उसकी जिम्मेवारी ली जाती है. वहीं दूसरी ओर अमन साव के मारे जाने के बाद भी मयंक सिंह के नाम पर सोशल मीडिया एकाउंट सक्रिय है. इसी तरह अमन साव गिरोह के दूसरे अपराधी भी सोशल मीडिया एकाउंट में सक्रिय हैं.
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