डकरा. एनके एरिया में कल्याण संबंधी कार्य पूरी तरह फेल हो गये हैं और निरीक्षण एवं जांच के नाम पर जिस तरह औपचारिकता निभाई जा रही है, यह महाघोटाले की पराकाष्ठा है. इसलिए इस अव्यवस्था के खिलाफ अब मजदूरों के साथ जाकर आंदोलन ही एकमात्र रास्ता बच गया है. ये बातें एनके एरिया कल्याण समिति सदस्य शैलेश कुमार, कृष्णा चौहान, सुनील कुमार सिंह, हरेंद्र कुमार सिंह आदि ने कही है. नेताओं ने बताया कि मंगलवार को सीसीएल के महाप्रबंधक कल्याण रेखा पांडेय कल्याणकारी कार्यों का निरीक्षण करने के नाम पर मात्र औपचारिकता पूरी कर चली गयी, जबकि आग्रह के बाद भी वो मोहननगर एवं वैसी काॅलोनियों में जाना जरूरी नहीं समझीं, जहां सबसे ज्यादा गड़बड़ी की गयी है. बताया गया कि एनके एरिया में 21 करोड़ रुपए की लागत से एनुअल मेंटेनेंस का काम सिर्फ कागजों पर चल रहा है और हर तरफ गंदगी, जर्जर क्वार्टर, छतों से टपकता पानी, सड़कों पर जलजमाव आदि जैसे हालात बने हुए हैं. एरिया स्तर पर समाधान की दिशा में कार्रवाई नहीं होती. मुख्यालय स्तर पर बात करने से निरीक्षण कर कार्रवाई की बात कही जाती है, लेकिन किस तरह का निरीक्षण किया जा रहा है, यह आज एनके एरिया में देख लिया गया है. बताते चलें कि मंगलवार को एनके एरिया में कल्याण समिति की बैठक हुई, जिसमें महाप्रबंधक कल्याण रेखा पांडेय को भी शामिल होना था, लेकिन वह बैठक में देरी से पहुंचीं और निरीक्षण करने के मामले में कुछ जगहों पर जाकर लौटने लगीं. कृष्णा चौहान और शैलेश कुमार के आग्रह पर भी मोहननगर नहीं गयी. उन्होनें बताया कि जहां ऑनलाइन शिकायत की गयी थी, वहां समाधान हो गया है. उसी को मुझे देखना है जबकि सुनील कुमार सिंह ने स्पष्ट शिकायत की कि काॅल सेंटर ठीक से काम नहीं कर रहा है और बहुत कम शिकायत दर्ज हो पा रही है. समिति सदस्यों ने इस तरह के औपचारिक प्रयास पर आपत्ति जतायी है. वीआइपी क्लब में हुई बैठक में एरिया के सभी अधिकारी मौजूद थे.
बॉक्स :::: केंद्रीय विद्यालय के एमओयू पर हो गया है हस्ताक्षर
बैठक में महाप्रबंधक कल्याण रेखा पांडेय ने जानकारी दी कि डकरा में पुनः केंद्रीय विद्यालय खोलने संबंधी एमओयू पर हस्ताक्षर कर दिया गया है, लेकिन और कुछ जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने में समय लग रहा है. अगले शैक्षणिक सत्र में विद्यालय खुल जायेगा. ज्ञात हो कि रेखा पांडेय विद्यालय खोलने मामले को लेकर नोडल ऑफिसर भी हैं.स्लग ::: एनके एरिया कल्याण समिति के सदस्यों ने प्रबंधन के रवैये पर उठाये सवाल
एनके एरिया में एनुअल मेंटेनेंस के लिए 21 करोड़ फिर भी जर्जर हैं क्वार्टरB
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