बेल के बाद फिर एसीबी की रडार पर IAS विनय चौबे, शराब घोटाले की जांच तेज

शराब घोटाले के आरोपी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से रिहाई मिल गई है. लेकिन, एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने मामले की जांच को और तेज कर दिया है और विनय चौबे को पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी में है.

रांची: शराब घोटाले के आरोपी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे की मुश्किलें फिलहाल कम होती नहीं दिख रही हैं. कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आ चुके हैं, लेकिन एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने मामले की जांच और तेज कर दी है. सूत्रों के अनुसार पिछले एक सप्ताह से मामले के अन्य आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और पूछताछ का मुख्य केंद्र विनय चौबे से उनके संबंध और कार्य आवंटन में उनकी भूमिका है.

एसीबी विनय चौबे से पूछताछ की तैयारी में

सूत्रों के मुताबिक एसीबी अगले पखवाड़े में विनय चौबे को पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी कर रही है. पहले अन्य आरोपियों से पूछताछ पूरी की जाएगी, इसके बाद चौबे को नोटिस भेजा जा सकता है. गत शुक्रवार को एसीबी ने झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) के आईटी मैनेजर अमर कुमार मेहता से पूछताछ की. उनसे डिजिटल ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम की मॉनिटरिंग, होलोग्राम निर्माण और उसकी निगरानी से जुड़े सवाल पूछे गए. जांच एजेंसी ने यह भी जानने की कोशिश की कि यह काम विधु गुप्ता को कैसे मिला और इसमें तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय चौबे की क्या भूमिका थी. इससे एक दिन पहले नेक्सजेन कंपनी के सीईओ अरुण कुमार सिंह से भी एसीबी ने पूछताछ की थी. उनसे विनय चौबे और उनके परिवार के सदस्यों के साथ वित्तीय लेन-देन, निवेश और कारोबारी संबंधों के बारे में जानकारी ली गई.


करीब 430 दिन जेल में रहे विनय चौबे

एसीबी ने विनय चौबे के खिलाफ 20 मई 2025 को शराब घोटाले में प्राथमिकी दर्ज कर पहली बार गिरफ्तार किया था. इस मामले में उन्हें 19 अगस्त 2025 को जमानत मिल गई थी, लेकिन बाद में अन्य मामलों में भी प्राथमिकी दर्ज होने के कारण वह जेल से बाहर नहीं आ सके. करीब 430 दिन जेल में रहने के बाद वह 7 अगस्त 2026 को रिहा हुए हैं.

ये भी पढ़ें: पलामू में धूमधाम से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस, डीसी बोले- आदिवासी समाज के उत्थान के लिए प्रशासन कटिबद्ध

कुल चार मामलों में प्राथमिकी दर्ज

चौबे के खिलाफ एसीबी ने वन भूमि घोटाला, आय से अधिक संपत्ति और खासमहल जमीन घोटाला सहित कुल चार मामलों में प्राथमिकी दर्ज की है. इन सभी मामलों में जांच जारी है. हालांकि अधिकांश मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी थी. वन भूमि गड़बड़ी मामले में 31 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ था.

एसीबी शराब घोटाले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी

अब एसीबी शराब घोटाले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और अधिकारियों तथा निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों से पूछताछ कर वित्तीय लेन-देन और प्रशासनिक निर्णयों की भूमिका की जांच कर रही है. जांच एजेंसी के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं.

ये भी पढ़ें: संविदा की सेवा जोड़ कर पेंशन देने के मामले में शिक्षा विभाग गयी हाइकोर्ट


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By प्रतीक्षा कुमारी

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >