रांची. रांची के होटवार जेल से एक साल पहले फरार हुए पीएलएफआइ उग्रवादी समीर तिर्की को गुमला पुलिस ने शनिवार की देर रात गिरफ्तार कर लिया. उसे उसके गांव वृंदा से पकड़ा गया. इसके बाद उसे रांची पुलिस को सौंप दिया गया. इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी महेंद्र करमाली ने किया.
सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर भागा था
समीर तिर्की 28 फरवरी 2025 की रात बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार के मुख्य गेट से निकल कर भाग गया था. बाद में सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला था कि वह जेल की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर भागा था. जेल प्रशासन ने खेलगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसके अनुसार सुबह करीब 5:30 बजे कैदियों की नियमित गिनती के दौरान समीर तिर्की के गायब होने की पुष्टि हुई थी.
11 महीने जंगल में तंबू लगा कर रहा
समीर तिर्की ने बताया कि होटवार जेल के केबल तार के सहारे वह जेल की दीवार फांद कर भागा था. जेल से भागने के बाद वह अपने गांव आ गया, जहां वह घर के लोगों से मिलने के बाद वृंदा जंगल में ही तंबू गाड़ कर रहने लगा. जिससे कि पुलिस उस तक नहीं पहुंचे. समीर तिर्की ने बताया कि बरसात में उसे जंगल में रहने में काफी परेशानी हुई. लेकिन पुलिस उसे पकड़ नहीं ले, इसलिए वह छिपता रहा. कभी-कभार वह घर आता था. इसके बाद पुन: जंगल में जाकर रहता था.
