जम्मू-कश्मीर से रांची पहुंचा शहीद किशन कुमार का शव, एंबुलेंस से जमशेदपुर के लिए रवाना
रांची/जमशेदपुर : उत्तरी कश्मीर स्थित बारामूला के लीपा घाटी इलाके में एलओसी पर पाकिस्तान की ओर से गुरुवार की शाम की गयी गोलीबारी में शहीद हुए 119 बीएसएफ बटालियन के हेड कांस्टेबल किशन कुमार दुबे का पार्थिव शरीर शनिवार कोदोपहर 3.50 बजे सेवा विमान से रांची लाया गया. एयरपोर्ट पर शहीद को बीएसएफ के जवानों, […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
रांची/जमशेदपुर : उत्तरी कश्मीर स्थित बारामूला के लीपा घाटी इलाके में एलओसी पर पाकिस्तान की ओर से गुरुवार की शाम की गयी गोलीबारी में शहीद हुए 119 बीएसएफ बटालियन के हेड कांस्टेबल किशन कुमार दुबे का पार्थिव शरीर शनिवार कोदोपहर 3.50 बजे सेवा विमान से रांची लाया गया. एयरपोर्ट पर शहीद को बीएसएफ के जवानों, अफसरों और स्थानीय भाजपा नेताओं ने श्रद्धांजलि दी.एयरपोर्ट पर शहीद को सलामी देने के बाद शव को 4.20 बजे एंबुलेंस से जमशेदपुर रवाना कर दिया गया.
रविवार की सुबह पार्वती घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा. इस दौरान शहीद को सलामी भी दी जायेगी. उपायुक्त डॉ अमिताभ कौशल ने सार्जेट मेजर को सलामी देनेवाली पुलिस टीम को तैयार रखने का निर्देश दिया है.
इधर, शुक्रवार की सुबह उनका पार्थिव शरीर श्रीनगर स्थित बीएसएफ बटालियन में लाया गया, जहां उन्हें सलामी दी गयी. बाद में पार्थिव शरीर को दिल्ली ले जाया गया, फिर बीएसएफ के मुख्यालय में शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित किये गये. एयर इंडिया के विमान से शनिवार को उनका पार्थिव रांची पहुंचा. इधर,शुक्रवार को जमशेदपुर के डीसी डॉ अमिताभ कौशल, एसएसपी अनूप टी मैथ्यू, एडीसी सुनील कुमार, एसडीओ आलोक कुमार आदि पदाधिकारी शहीद जवान किशन के आवास पर गये और परिजनों को ढाढ़स बंधाया. इधर, घटना की सूचना मिलने के बाद परिजनों और शुभचिंतकों को घर पहुंचना शुरू हो गया है. घर की महिलाओं के क्रंदन से माहौल गमगीन बना हुआ है.
शहीद को सरकार देगी सम्मान : रघुवर
जमशेदपुर : कश्मीर सीमा पर शहीद जवान किशन कुमार दुबे को झारखंड सरकार पूरा सम्मान देगी. उनके परिवार के साथ पूरी सरकार खड़ी है. यह घोषणा मुख्यमंत्री रघुवर दास ने की. श्री दास शुक्रवार को एग्रिको स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान छद्म युद्ध लड़ रहा है. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन में भी कहा है कि वे इस तरह की लड़ाई के पक्षधर नहीं हैं. दोस्ती का हाथ बढ़ाया है, ताकि अमन-चैन लौट सके. उन्होंने कहा कि यह दुख की बात तो है कि बॉर्डर पर झारखंड का सपूत शहीद हुआ है, लेकिन यह गर्व की भी बात है. हम लोगों ने शहीद संकल्प शुक्ला के परिजनों को भी नौकरी दी है. शहीद किशन कुमार दुबे को जहां भी सम्मानित करने और सुविधाएं देने की बात होगी, तो सरकार पीछे नहीं हटेगी.
मां 24 घंटे से बिस्तर पर बेसुध पड़ी हुई है
बेटे के शहीद होने के सदमे के कारण किशन की मां जगमाया देवी बीते 24 घंटे से बिस्तर पर बेसुध पड़ी हुई हैं. पिता की भी कमोवेश वही स्थिति है. दोनों ने अन्न का एक दाना भी मुंह में नहीं लिया है. किशन की मां सिर्फ इतना कह रही है.पहले किशन को बुलाओ, फिर कुछ खिलाना. जब से घटना की जानकारी मां को हुई है, उनकी आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं. परिजन व पड़ोस के लोग उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं. पिता धर्मराज दुबे भी बेसुध हैं. घर पर प्रशासनिक अधिकारी, राजनीतिक पार्टियों के लोग और जान पहचान के लोग पहुंच रहे हैं. हालांकि किशन के पिता उन लोगों को नमस्कार के अलावा कुछ नहीं बोल पा रहे हैं.