Jharkhand Electricity Rate, रांची : झारखंड के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और झटका लगा है. 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नये बिजली टैरिफ के तहत घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक सभी श्रेणियों की दरों में बढ़ोतरी कर दी गयी है, जिससे आम लोगों से लेकर व्यापार और उद्योग जगत तक पर इसका सीधा असर पड़ेगा. प्रति यूनिट दर बढ़ने से उपभोक्ताओं का मासिक बिजली बिल बढ़ना तय है.
घरेलू उपभोक्ताओं पर बढ़ा बोझ
घरेलू कैटिगिरी में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए बिजली की दरों में बढ़ोतरी की गयी है. ग्रामीण इलाकों में प्रति यूनिट दर पहले जहां 6.70 रुपये लगता था वह अब बढ़कर 7.20 रुपये हो गयी है, जबकि शहरी उपभोक्ताओं के लिए यह 6.85 रुपये से बढ़कर 7.40 रुपये प्रति यूनिट हो गयी है. भले ही फिक्स्ड चार्ज में बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन यूनिट दर में वृद्धि का सीधा असर कुल बिल पर पड़ेगा, जिससे आम लोगों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ेगा.
व्यावसायिक गतिविधियों पर भी पड़ेगा असर
व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली महंगी कर दी गयी है. 5 किलोवाट से अधिक लोड वाले ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए 6.20 की दर को बढ़ाकर 6.70 प्रति यूनिट कर दी गयी है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 6.70 रुपये से बढ़ाकर 7.30 रुपये प्रति यूनिट तय कर दी गयी है. इस बढ़ोतरी का असर छोटे दुकानदारों, प्रतिष्ठानों और सेवा क्षेत्र पर पड़ेगा, जहां पहले से ही लागत बढ़ने की समस्या बनी हुई है.
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उद्योगों की लागत में बढ़ोतरी तय
औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी बिजली की दरों में इजाफा किया गया है. लो टेंशन औद्योगिक सप्लाई की दर 6.10 रुपये से बढ़ाकर 6.60 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है, जबकि हाई टेंशन सप्लाई 5.90 रुपये से बढ़कर 6.40 रुपये प्रति यूनिट हो गयी है. उद्योगों के लिए बिजली एक प्रमुख लागत होती है, ऐसे में दरों में वृद्धि से उत्पादन लागत बढ़ेगी और इसका असर बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है.
संस्थानों और स्ट्रीट लाइट पर भी प्रभाव
संस्थागत श्रेणी और स्ट्रीट लाइटिंग जैसी सेवाओं के लिए भी टैरिफ में बढ़ोतरी की गयी है. इससे नगर निकायों और सरकारी संस्थानों के खर्च में इजाफा होगा, जिसका अप्रत्यक्ष असर आम लोगों पर पड़ सकता है. कुल मिलाकर लगभग सभी श्रेणियों में प्रति यूनिट दर बढ़ाई गयी है, जबकि फिक्स्ड चार्ज में सीमित बदलाव हुआ है.
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