डकरा. एनके एरिया के मजदूरों की काॅलोनी मोहन नगर जैसी हालत ए-टाइप और बी-टाइप कॉलोनी की भी है. क्वार्टर की हालत तो बदहाल है ही काॅलोनी की सड़कों पर जलजमाव और गंदगी और उससे उठते दुर्गंध ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है. ए-टाइप, जहां सीसीएल सलाहकार समिति सदस्य कमलेश कुमार सिंह का आवास है, प्रोफेसर काॅलोनी जहां कर्ई प्रोफेसर रहते हैं, ब्रह्मकुमारी समाज का मेडिटेशन सेंटर है और भारतीय मजदूर संघ का कार्यालय है. इन सभी जगहों पर कचरों का डंप बना दिया गया है. अगले महीने से लगातार स्वच्छता से जुड़े पर्व-त्योहार शुरू होनेवाले हैं, लेकिन स्वच्छ वातावरण में मजदूर और कर्मचारी पर्व त्योहार मना सकें, इसके प्रति कहीं भी किसी तरह की गंभीरता नहीं दिखाई दे रही है. मोहननगर काॅलोनी की समस्या प्रभात खबर में छपने के बाद गुरुवार को बड़े पैमाने पर लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने क्वार्टर की बदहाली की तस्वीर भेज कर पीड़ा बतायी है कि वे किस हाल में रह रहे हैं. कुछ अधिकारियों ने भी अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर अपने क्वार्टर की तस्वीर प्रभात खबर प्रतिनिधि को भेजी है. पीड़ित और परेशान लोग सभी एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि एनुअल मेंटेनेंस के मद में जब 21 करोड़ रुपए का काम चल रहा है तो वह खर्च कहां हो रहा है? हकीकत यहीं है कि लोगों को इस नारकीय जीवन जीने पर मजबूर कर दिया गया है.
ओवरसियर क्यों बदला जा रहा है
एनके एरिया में जहां भी काम हो रहा है, वहां ओवरसियर बदलने के पीछे छिपे राज की चर्चा इन दिनों खूब हो रही है. कुछ चर्चित ओवरसियर की मांग ठेकेदारों द्वारा की जाती है. चर्चा यहां तक है कि बिल कोई और ओवरसियर बना रहा है और हस्ताक्षर कोई और कर रहा है. श्रमिक नेता शैलेश कुमार, गोल्टेन प्रसाद यादव, कृष्णा चौहान ने इसकी जांच कराने की बात कही है.स्लग ::: अपने क्वार्टर की बदहाली की तस्वीर भेज पीड़ा बता रहे लोग
ए-टाइप और बी-टाइप कॉलोनी में भी गंदगी और सड़ांध से जीना दुश्वार
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