रांची : खूंटी में पत्थलगड़ी के नाम पर विवाद पैदा करने वालों के खिलाफ पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की. इस मामले के 11 माह गुजर जाने के बाद भी पत्थलगड़ी में मुख्य भूमिका निभाने वाले 20 नामजद लोगों को न तो गिरफ्तार किया गया और न ही उनके खिलाफ कुर्की जब्ती की कार्रवाई ही गयी.
खूंटी पुलिस की इस कार्यशैली को सीआइडी मुख्यालय ने गंभीरता से लिया है. मुख्यालय की ओर से कहा गया है कि 17 सितंबर 2018 को खूंटी के तत्कालीन एसडीपीओ ने सुपरविजन में नामजद अभियुक्ताें की गिरफ्तारी या कुर्की जब्ती का स्पष्ट निर्देश दिया था.
28 जनवरी 2019 को खूंटी एसपी ने भी प्रतिवेदन-2 में सुपरविजन करने वाले पदाधिकारी के निर्देशों का अनुपालन करने को कहा था. लेकिन इसके पांच माह बाद भी निर्देशों का पालन नहीं किया गया.
इसका कुप्रभाव खूंटी जिला की विधि- व्यवस्था पर पड़ रहा है. इस संबंध में रांची रेंज डीआइजी को मुख्यालय ने निर्देश दिया गया है कि वे खूंटी थाना कांड संख्या 124/18 के नामजद आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करने को लेकर कांड के अनुसंधानकर्ता, खूंटी थाना के प्रभारी, उस क्षेत्र के इंस्पेक्टर और एसडीपीओ को शो कॉज करें. साथ ही इनसे पूछा जाये कि क्यों नहीं मामले में शिथिलता बरते जाने को लेकर विभागीय कार्रवाई की जाये.
इनके खिलाफ दर्ज किया गया था मामला : बोलेसा बबीता कच्छप, सुकुमार सोरेन, विरास नाग, थॉमस रुंडा, वालटर कंडुलना, धनश्याम बिरुली, धरम किशो कुल्लू, सामू टुड्डू, गुलशन टुडू, मुक्ति तिर्की, राकेश रोशन किरो, अजल कंडुलना, अनुपम सुमित केरकेट्टा, अजंग्या बिरुआ, स्टेन स्वामी, जे विकास कोड़ा, विनोद केरकेट्टा, आलोका कुजूर, विनोद कुमार और थियोडर किड़ो के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.
खूंटी थाना कांड संख्या 124/18 के हैं सभी आरोपी
सीआइडी मुख्यालय ने कांड के अाइओ, खूंटी के थाना प्रभारी, इंस्पेक्टर व एसडीपीओ से स्पष्टीकरण मांगने का रांची रेंज डीआइजी को दिया निर्देश
खूंटी एसपी को निर्देश : जिन अभियुक्तों के खिलाफ मामला सत्य पाया गया है उन्हें गिरफ्तार करें, आवश्यक होने पर न्यायालय के आदेश से कुर्की जब्ती करें
11 माह बीत जाने के बाद भी पत्थलगड़ी मामले में न ताे किसी को गिरफ्तार किया गया और न ही किसी के खिलाफ कुर्की जब्ती की कार्रवाई की गयी
विधि-व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए हो रही सभा रोक लगाएं एसपी
सीआइडी मुख्यालय को ऐसी सूचना मिली है कि पत्थलगड़ी के माध्यम से विधि-व्यवस्था को प्रभावित करने को लेकर सभाएं अायोजित की जा रही है. 25 जून 2019 को खूंटी कनटेसा पतरा मैदान में विशाल आमसभा आयोजित किया गया था. इसके निवेदक भोला पाहन और छोटानागपुर आदिवासी भू-रक्षा एवं सुधार समिति खूंटी है. इस सभा का उद्देश्य आम जनता को प्रशासन के विरुद्ध करना था. मुख्यालय ने खूंटी एसपी को निर्देश दिया कि इस तरह की सभाओं पर रोक लगायें. वहीं ऐसी सभा को आयोजित करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाये.
कार्रवाई के दौरान वैसे लोग जिन्हें जानकारी नहीं है, लेकिन डर से या किसी और वजह से वे इसमें शामिल हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जगह जो लोग नेता के तौर पर आमलोगों को बहका रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाये. अगर ऐसे कोई नेता जमानत पर हैं, तो उनके खिलाफ सीसीए (क्राइम कंट्रोल एक्ट) के तहत कार्रवाई की जाये. सीआइडी मुख्यालय ने कहा है कि अब तक 23 कांडों में जिन 39 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया या उन्होंने समर्पण किया, वे साजिशकर्ता नहीं है. बल्कि बहलाये-फुसलाये आम व्यक्ति हैं.
