रांची : झारखंड बंगाली समिति की केंद्रीय कमेटी की बैठक बुधवार को समिति के अध्यक्ष विद्रोह कुमार मित्रा की अध्यक्षता में हुई. मौके पर सदस्यों ने कहा कि द्वितीय राजभाषा की स्वीकृति मिलने के बाद भी आज बंगला भाषा झारखंड में उपेक्षित है. बैठक में सर्वसम्मति से आंदोलन का निर्णय लिया है. सदस्यों ने मांग की कि बंगला भाषा की पुस्तकें स्कूलों में पढ़ने वाले बंगाली विद्यार्थियों को नियमित रूप से उपलब्ध करायी जायें.
- बंगला पुस्तकें स्कूलों में पढ़ने वाली बंगाली छात्र-छात्राओं को नियमित से उपलब्ध करायी जायें.
- बंगला शिक्षकों की नियुक्ति प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च श्रेणी तक नियमित रूप से की जाये.
- सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में बंगला छात्र-छात्राओं के लिये एक विषय बंगला को अनिवार्य रूप से पढ़ने की व्यवस्था की जाये.
- सरकारी भवनों का नाम अन्य भाषाओं की तरह बंगला भाषा में भी लिखा जाये.
- रांची मोरहाबादी स्थित टैगोर हिल की संपत्ति, नंदन कानन करमाटांड़ व गिरिडीह स्थित सर जगदीश चंद्र बोस के आवास को हेरिटेज घोषित किया जाये.
- बंगला अकादमी में नियमित रूप से कोष उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये.
- देवघर में स्थित बंगाली धर्मशाला का जीर्णोद्धार प्राथमिकता के आधार पर अविलंब कराने की व्यवस्था हो.
