मांडर रेफरल अस्पताल का हाल, तीन माह से नहीं है एंटी रैबीज वैक्सीन, गरीब मरीज परेशान

बाजार में एक इंजेक्शन की कीमत 330 रुपये, पांच इंजेक्शन लगवाने पड़ते हैं मांडर : मांडर रेफरल अस्पताल में तीन माह से एंटी रैबीज का वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. यह वैक्सीन कुत्तों के काटने पर मरीजों को लगाया जाता है. उपलब्ध रहने पर यह वैक्सीन मरीजों को सरकारी अस्पताल में निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है. […]

बाजार में एक इंजेक्शन की कीमत 330 रुपये, पांच इंजेक्शन लगवाने पड़ते हैं
मांडर : मांडर रेफरल अस्पताल में तीन माह से एंटी रैबीज का वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. यह वैक्सीन कुत्तों के काटने पर मरीजों को लगाया जाता है. उपलब्ध रहने पर यह वैक्सीन मरीजों को सरकारी अस्पताल में निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है. लेकिन तीन माह से रेफरल अस्पताल में इसकी अनुपलब्धता को लेकर गरीब मरीजों को भारी परेशानी हो रही है. मजबूरी में वे खुले बाजार से महंगे दाम में वैक्सीन खरीद कर उपयोग में ला रहे हैं.
बताया जा रहा है कि कुत्ता के काटने पर मरीज को पांच इंजेक्शन लगवाने पड़ते हैं. जिसका एक इंजेक्शन का बाजार मूल्य 330 रुपये है. मरीज को एंटी रैबीज के पांच इंजेक्शन लगवाने पड़ते हैं. जिसके लिए प्रति मरीज को 1650 रुपये खर्च करने पड़ते हैं. इससे गरीब मरीज परेशान हो जाते हैं. मांडर के रेफरल अस्पताल में मांडर के अलावा चान्हो, बुढ़मू, खलारी व बेड़ो प्रखंड के मरीज भी इलाज के लिए पहुंचते हैं. चिकित्सा प्रभारी किशोर कुल्लू के अनुसार यहां औसतन प्रतिमाह 25 से 30 कुत्ता काटने के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं.
वर्तमान में एंटी रैबीज का वैक्सीन जिला में ही उपलब्ध नहीं है जिसके कारण डिमांड के बाद भी जनवरी से ही रेफरल अस्पताल को वैक्सीन उपलब्ध नहीं कराया गया है. वैसे वे अपने स्तर से रेफरल अस्पताल में वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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