रांची : अमृत योजना की दूसरी किस्त मिली, तेज होगी निर्माण कार्यों की रफ्तार

रांची : अटल नवीकरण शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) योजना की दूसरी किस्त नगर विकास एवं आवास विभाग को उपलब्ध करा दी गयी है. राज्य निर्वाचन आयोग की हरी झंडी मिलने के बाद शहरी पुनरुत्थान मिशन के तहत 59 करोड़ रुपये को मंजूर कर लिया गया है. राशि के आवंटन के बाद कई रुके प्रोजेक्ट में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची : अटल नवीकरण शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) योजना की दूसरी किस्त नगर विकास एवं आवास विभाग को उपलब्ध करा दी गयी है. राज्य निर्वाचन आयोग की हरी झंडी मिलने के बाद शहरी पुनरुत्थान मिशन के तहत 59 करोड़ रुपये को मंजूर कर लिया गया है. राशि के आवंटन के बाद कई रुके प्रोजेक्ट में गति आने की संभावना है.
ताजा आवंटन के बाद अमृत योजना से शहरों की सूरत बदलने की बात हो या फिर पौधरोपण, पार्क बनाने की योजना हो या फिर लैंड स्केपिंग. अब फंड की कमी के चलते इनमें से कोई भी काम फिलहाल प्रभावित नहीं होगा.
पहले फेज में सात शहरों में सात जगह पार्क का निर्माण होना है. इसमें रांची, धनबाद, देवघर, चास नगर निगम, आदित्यपुर, हजारीबाग और गिरिडीह नगर परिषद शामिल हैं. इन शहरों में एक-एक पार्क बनाने की योजना सरकार की है. शुरुआती दौर में इस योजना को आकार देने के मामले में झारखंड को देश भर में तीसरा स्थान मिल चुका है.
लौटेगी पार्कों की हरियाली : अमृत योजना से अब राजधानी सहित राज्य के अन्य बड़े शहर और हरा-भरा दिखेंगे. क्योंकि इसके तहत शहरों में पार्कों का निर्माण व अन्य जगहों के सुंदरीकरण की योजना प्रस्तावित है. योजना के तहत इन सभी जगहों पर डीपीआर तैयार कर टेंडर के तहत कार्य शुरू भी कर दिया गया है.
चिल्ड्रेन पार्क की दशा बदलेगी : अमृत योजना के तहत मोरहाबादी स्थित चिल्ड्रेन पार्क की भी दशा बदलेगी. पार्क की बाउंड्री, पौधरोपण, लैंड स्केपिंग, लाइटिंग, फव्वारा, झारखंड की कलाकृति, आधुनिक कैफेटेरिया आदि की व्यवस्था होगी. कई पार्कों में कृत्रिम पहाड़ व झरना का भी र्निमाण होगा. पार्क में यूकेलिप्टस के पेड़ों के बीच में औषधीय पौधे लगाये जायेंगे.
क्या है अमृत योजना
आवास विभाग और शहरी विकास अभिकरण की मदद से राजधानी के साथ छोटे शहरों में मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़ी योजनाओं के निराकरण के लिए अमृत योजना बनायी गयी है. इसमें जेएनयूआरएम की कई अधूरी योजनाओं को भी मर्ज कर दिया गया है. अमृत परियोजना के अंतर्गत पानी की सप्लाई, सीवर, कूड़ा प्रबंधन, वर्षा जल संचयन, ट्रांसपोर्ट, बच्चों के लिए पार्क, अच्छी सड़क, चारों तरफ हरियाली आदि विकसित करने की योजना है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >