रांची : जिला अस्पतालों में महिलाओं की कैंसर जांच शुरू नहीं

घोषणा के बाद भी कई स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल नहीं हो सकीं, मरीजों को नहीं मिल पा रहा है लाभ रांची : स्वास्थ्य विभाग या निदेशालय की अोर से पूर्व में एेसी कई घोषणाएं की गयी थीं, जो आज तक पूरी नहीं हुई. इनमें से कई घोषणाएं पूरी हो जाने से आम मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य […]

घोषणा के बाद भी कई स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल नहीं हो सकीं, मरीजों को नहीं मिल पा रहा है लाभ
रांची : स्वास्थ्य विभाग या निदेशालय की अोर से पूर्व में एेसी कई घोषणाएं की गयी थीं, जो आज तक पूरी नहीं हुई. इनमें से कई घोषणाएं पूरी हो जाने से आम मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकती थीं. केंद्र प्रायोजित कार्यक्रम भी शुरू नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है. इनमें सबसे महत्वपूर्ण है जिला अस्पतालों में महिलाअों के लिए कैंसर जांच की नि:शुल्क सुविधा बहाल करना. इधर, गर्भवती व प्रसूति महिलाअों के लिए रिम्स में अलग लैब बनाया जाना था.
मकसद यह था कि खास कर गर्भवती महिला के इलाज के दौरान किसी जांच की जरूरत होने पर, यह जांच तुरंत हो सके. पर यह काम भी नहीं हुआ. केंद्र सरकार ने राज्यों को एक अन्य कार्यक्रम भी शुरू करने को कहा था, जिसके तहत सरकारी अस्पतालों में निजी चिकित्सकों की सेवा मिलनी थी. अॉपरेशन के दौरान, आपात स्थिति में या फिर खास जरूरत के वक्त निजी विशेषज्ञ चिकित्सकों को एक तय फीस देकर सरकारी अस्पतालों में बुलाया जा सकता है. यह सेवा भी किसी जिले के सिविल सर्जन ने शुरू नहीं की है. उधर, दक्षिण छोटानागपुर (रांची) छोड़ अन्य प्रमंडलों हजारीबाग (उत्तरी छोटानागपुर), पलामू (पलामू), चाईबासा (कोल्हान) व दुमका (संताल परगना) में गहन चिकित्सा केंद्र (आइसीयू) की सुविधा भी बहाल नहीं हो सकी है.
आम मरीजों के हित के यह काम नहीं हुए
सभी सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक जेनेरिक दवा नहीं लिख रहे
स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल रहे कैंसर, मधुमेह व हृदय रोग चिकित्सक
गर्भवती व प्रसूति महिलाअों के लिए रिम्स में अलग लैब नहीं बना
जिला अस्पतालों में महिलाअों के लिए कैंसर जांच की सुविधा नहीं
हजारीबाग, पलामू, चाईबासा व दुमका में आइसीयू सुविधा शुरू नहीं
सभी जिला अस्पतालों में फिजियोथेरेपी सेवा उपलब्ध नहीं
जिला अस्पतालों में निजी चिकित्सकों की सेवा नहीं मिल रही
यह परेशानी भी
डॉक्टर दवाअों के नाम अब भी कैपिटल लेटर में नहीं लिखते सरकारी अस्पतालों में हॉस्पिटल फार्मेसी की सेवा उपलब्ध नहीं मोबाइल मेडिकल यूनिट से निकाले गये अाठ करोड़ के 103 अल्ट्रासाउंड मशीन जिलों में खा रही जंग जीपीएस सिस्टम लगा, पर नहीं हो रही मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालन की मॉनिटरिंग अब तक बने नहीं सात ट्रॉमा सेंटर, जो बने वह चालू नहीं

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