स्पेशल ब्रांच के एडीजी ने सभी जिलों के एसपी को दिया आदेश, कहा
रांची : स्पेशल ब्रांच के एडीजी अनुराग गुप्ता ने सभी एसपी को पशु तस्करी रोकने व पूर्व में दर्ज मामले का अनुसंधान करने का आदेश दिया है. उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि हमेशा देखा जाता है कि पशु तस्करी करनेवाले कभी पकड़े नहीं जाते़ वाहन में लदे मवेशियों को वाहन सहित जब्त कर लिया जाता है.
मौके पर ड्राइवर व खलासी ही पकड़े जाते है़ं जबकि मुख्य पशु तस्कर साफ बच जाते हैं. उन्होंने सभी एसपी से परदे के पीछे रहनेवाले पशु तस्करों को पकड़ने को निर्देश दिया है़ एडीजी का कहना है कि कुछ पुलिसकर्मियों के कारण वास्तविक पशु तस्कर की जानकारी होते हुए भी वे पकड़ में नहीं आते. उन्होंने निर्देश दिया है कि पूर्व के लंबित मामलाें का शीघ्र अनुसंधान कर अवगत कराये़ं
10 अक्तूबर 2018 को गिरिडीह से जब्त हुए थे 269 मवेशी
एडीजी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 10 अक्तूबर 2018 को गिरिडीह जिला के धनवार थाना की पुलिस ने आठ कंटेनर व एक पिकअप वैन में लदे 269 (गाय व बैल) मवेशियों को जब्त किया था. बाद में उसमें से सात पशुओं की मौत हो गयी. पशुओं को भभुआ व कल्याणपुर से लोड कर हावड़ा स्थित बूचड़खाना ले जाने की बात कही गयी थी.
उस समय आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, लेकिन वे सभी चालक व खलासी थे. उन्होंने आदेश दिया है कि परदे के पीछे मुख्य पशु तस्करों तक पहुंचे और उन्हें गिरफ्तार करें. केवल चालक व खलासी के पकड़े जाने के कारण पशु तस्करी में कमी नहीं आ रही है. मुख्य अभियुक्तों के पकड़े नहीं जाने के कारण अंतरराज्यीय स्तर पर पशु तस्करी धड़ल्ले से जारी है़
राज्य भर में पशु तस्करी के 177 मामले लंबित
पूरे राज्य में हजारीबग जिला में सबसे अधिक पशु तस्करी के 35 मामले लंबित हैं. उसके बाद रांची जिला में 28 मामले लंबित है़ं इसका शीघ्र अनुसंधान कर मुख्य पशु तस्करों पर कार्रवाई करने को कहा गया है.
इसके अलावा गुमला में 15, सिमडेगा में 10, चाईबासा में एक, सरायकेला में छह, पलामू में 11, लातेहार में चार, गढ़वा में सात, रामगढ़ में एक, कोडरमा में दो, चतरा में चार, गिरिडीह में 15, धनबाद में दो, बोकारो में एक, दुमका में 12, जामताड़ा में तीन, देवघर में 12, साहेबगंज में एक, पाकुड़ में 10, गाेड्डा में सात समेत कुल 177 मामले लंबित है़ं
