रांची : सातवें वेतनमान में सालाना 85 करोड़ रुपये का खर्च

रांची : राज्य के विवि शिक्षकों को वर्ष 2019 में राज्य सरकार द्वारा तोहफा देेने की तैयारी की गयी है. विवि शिक्षकों को सातवां वेतनमान देने के लिए सरकार ने सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं. वित्त विभाग से पहले ही स्वीकृति मिल गयी है. अब इसे कैबिनेट में भेजा जायेगा. वित्त विभाग द्वारा किये […]

रांची : राज्य के विवि शिक्षकों को वर्ष 2019 में राज्य सरकार द्वारा तोहफा देेने की तैयारी की गयी है. विवि शिक्षकों को सातवां वेतनमान देने के लिए सरकार ने सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं. वित्त विभाग से पहले ही स्वीकृति मिल गयी है. अब इसे कैबिनेट में भेजा जायेगा. वित्त विभाग द्वारा किये गये आकलन के मुताबिक विवि शिक्षकों को सातवां वेतनमान देने पर राज्य सरकार पर सालाना 85 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
वहीं, राज्य सरकार ने सातवां वेतनमान एक जनवरी 2016 से देने का निर्णय लिया है.
वर्ष 2016 से अब तक की बकाया राशि भी सरकार ने देने का फैसला लिया है. बकाया राशि दो किस्तों में दी जायेगी. मालूम हो कि उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विवि से यूजीसी नियमानुसार सातवें वेतनमान में होनेवाली व्यय राशि की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा था. इसके मुताबिक जिन शिक्षकों का पाचवां व छठा वेतनमान निर्धारित हो चुका है. उन्हें ही सातवें वेतनमान का लाभ मिलेगा. यूजीसी नियमानुसार शिक्षकों को वेतनमान में 2.67 प्रतिशत राशि की बढ़ोतरी होगी. इसके अलावा अलग-अलग पे ग्रेड व सुविधाअों के आधार पर कुल वेतन मिलेगा. सातवां वेतनमान लागू होने पर प्रत्येक शिक्षक को 10 से 15 हजार रुपये का लाभ होगा. शिक्षकों को सातवां वेतनमान देने के लिए राज्य सरकार ने विकास आयुक्त की अध्यक्षता में छह सदस्यीय कमेटी बनायी थी. इसी कमेटी ने यूजीसी के नियमानुसार वेतनमान देने की अनुशंसा की थी.

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