जितेन्द्र कुमार
Ranchi (अनगड़ा): रांची जिले के अनगड़ा थाना क्षेत्र में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) और स्थानीय पुलिस की सक्रियता से एक नाबालिग बच्ची का बाल विवाह होने से रोक दिया गया. 14 मार्च को होने वाली इस शादी की भनक लगते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की. मंगलवार को दोनों पक्षों को थाने बुलाकर काउंसलिंग की गई और लड़की के बालिग होने तक शादी न करने का बॉन्ड भरवाया गया.
14 मार्च को तय थी शादी
जानकारी के अनुसार, बोंगईबेड़ा पंचायत के बानपुर जहरा टोली निवासी सोमरा मुंडा की 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री का विवाह राजाडेरा पंचायत के रूपडू गांव निवासी लालसाय मुंडा के 19 वर्षीय पुत्र के साथ तय कर दिया गया था. शादी की तारीख 14 मार्च निर्धारित कर दी गई थी. इसी बीच इस प्रस्तावित बाल विवाह की सूचना डालसा की पीएलवी (PLV) बेबी सिन्हा को मिली. उन्होंने बिना देर किए तुरंत इसकी जानकारी डालसा सचिव राकेश रोशन को दी. इसके साथ ही अनगड़ा के बीडीओ जयपाल सोय और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया.
थाना प्रभारी गौतम रजवार ने की काउंसलिंग
सूचना के आधार पर अनगड़ा पुलिस ने मंगलवार को त्वरित कार्रवाई करते हुए लड़के और लड़की दोनों पक्षों को थाने बुलाया. अनगड़ा थाना प्रभारी गौतम रजवार की मौजूदगी में दोनों पक्षों की विस्तृत रूप से काउंसलिंग की गई. थाना प्रभारी ने दोनों परिवारों को स्पष्ट रूप से समझाया कि बाल विवाह एक गंभीर कानूनी अपराध है और ऐसा करने पर कड़ी सजा का प्रावधान है.
भारवाया गया बॉन्ड
कानूनी पहलुओं और सजा के प्रावधानों को समझने के बाद दोनों पक्ष मान गए. अंत में दोनों पक्षों की सहमति से एक बॉन्ड पेपर तैयार किया गया, जिसमें यह अनिवार्य शर्त रखी गई कि लड़की के पूरी तरह बालिग होने के बाद ही दोनों की शादी की जाएगी. इस पूरी कार्रवाई के दौरान मौके पर पीएलवी बेबी सिन्हा, मीना श्रीवास्तव, मालती कुमारी और शीला देवी आदि मुख्य रूप से मौजूद थीं.
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