रांचीः सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर सारंडा और उसके आसपास के क्षेत्रों में लौह अयस्क का नियम विरुद्ध खनन हो रहा है. इसको लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है.
इसमें सुप्रीम कोर्ट द्वारा कॉमन कॉज बनाम भारत सरकार के मामले में 16 मई को दिये गये आदेश का हवाला दिया गया है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जिन लौह अयस्क खदानों की लीज समाप्त हो गयी है उन खदानों में खनन कार्य अविलंब बंद करा दिया जाये. यदि खदान संचालकों ने नवीकरण का आवेदन दिया है और वह लंबित है, तब भी खदानों में खनन बंद रहेगा.
यह आदेश ओड़िशा में अवैध खनन पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर सुनवाई के क्रम में सुप्रीम कोर्ट ने दिया है. कोर्ट का यह आदेश देश के सभी राज्यों के लिए प्रभावी है. इस आदेश के बाद ओड़िशा सरकार ने सभी खदानों में तात्कालिक प्रभाव से खनन पर रोक लगा दी है. श्री राय ने बताया कि झारखंड के कुल 42 खनन पट्टाधारियों में से 39 पट्टाधारियों के खनन पट्टों की अवधि पहले ही समाप्त हो चुकी है. खान विभाग के कई वरीय अधिकारियों की संलिप्तता से अवैध खनन का काम चल रहा है. यदि इस मामले की सीबीआइ से जांच करायी जाये, तो पूरे मामले का खुलासा हो सकता है.
