रिम्स में पहली बार किया गया सफल नेत्र प्रत्यारोपण, दो युवतियों को मिली रोशनी

मेडिसिन विभाग में भर्ती मृत युवती के परिजनों की सहमति पर मिला कॉर्निया रिम्स में कॉर्निया का सफल प्रत्यारोपण शुरू हो गया है. यहां मेडिसिन विभाग में भर्ती एक युवती की इलाज के दौरान मौत हो गयी थी. उसके परिजन की सहमति के बाद नेत्र रोग विशेषज्ञों ने उसकी दोनों आंखों से कॉर्निया निकाल कर […]

मेडिसिन विभाग में भर्ती मृत युवती के परिजनों की सहमति पर मिला कॉर्निया
रिम्स में कॉर्निया का सफल प्रत्यारोपण शुरू हो गया है. यहां मेडिसिन विभाग में भर्ती एक युवती की इलाज के दौरान मौत हो गयी थी. उसके परिजन की सहमति के बाद नेत्र रोग विशेषज्ञों ने उसकी दोनों आंखों से कॉर्निया निकाल कर दो युवतियों की एक-एक आंख में सफलता पूर्वक प्रत्यारोपित कर दिया है. दोनों ही युवतियों को बचपन में चोट लगी थी, जिसकी वजह से उनकी आंखों की रोशनी चली गयी थी.
रांची : रांची निवासी 17 वर्षीय नरूला की दायीं आंख और 16 वर्षीय निशा की बायीं आंख पूरी तरह से खराब थी. दोनों को ही बचपन में चोट लगने की वजह से आंख की रोशनी चली गयी थी. जांच के दौरान पाया गया कि कॉर्निया प्रत्यारोपण के बाद दोनों युवतियों की आंखों की रोशनी वापस लायी जा सकती है. उसके बाद से ही नेत्र विभाग के डॉक्टर और युवतियों के परिजन काॅर्निया का इंतजार कर रहे थे.
शुक्रवार को जैसे ही मृत युवती के परिजन की सहमति मिली, डॉक्टरों ने बिना देर किया कॉर्निया प्रत्यारोपण की प्रक्रिया शुरू कर दी. ऑपरेशन के बाद दोनों युवतियों को नेत्र विभाग के वार्ड में भर्ती किया गया है. इस ऑपरेशन में किसी युवती के परिजन को एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़ा. जबकि, निजी अस्पताल में कॉर्निया प्रत्यारोपण के लिए 6,000 से 7,000 रुपये का खर्च करने पड़ते हैं. नेत्र विभाग के डॉक्टरों की इस उपलब्धि पर रिम्स निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव व अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप ने उन्हें बधाई दी है.
रिम्स के नेत्र रोग विभाग के डॉक्टरों को हासिल हुई बड़ी उपलब्धि
ऑपरेशन करनेवाली टीम : डाॅ राहुल प्रसाद और डॉ सुनील कुमार की टीम ने दोनों युवतियों की आंखों में कॉर्निया का प्रत्यारोपण किया. नेत्र रोग के विभागाध्यक्ष डॉ वीवी सिन्हा, डॉ राजीव कुमार गुप्ता, जूनियर डॉक्टर डाॅ दीपक, डॉ विवेक, डाॅ नेहा घोष, डॉ संतोष, ऑप्थॉलमोजिस्ट प्रेम प्रकाश, लोकश अभिमन्यू, चंदन कुमार, मो. असलम, जयचंद व अन्य ने सहयोग किया.
रिम्स में कॉर्निया प्रत्यारोपण शुरू कराना हमारी प्राथमिकता थी. यह उपलब्धि रिम्स के लिए मील का पत्थर साबित होगी. इससे अंधेपन को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा.
निधि खरे, स्वास्थ्य सचिव

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