रांची : झारखंड राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष डॉ उषा पांडेय ने कहा कि किसी भी बोर्ड और आयोग के अध्यक्ष को अधिकार नहीं मिलता है, तो वह अधिकारियों के दया का पात्र हो जाता है. समाज कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष को अब तक राज्य मंत्री का दर्जा नहीं मिला है. मुख्यमंत्री को इसकी नियमावली में सुधार करना चाहिए. अपने काम के लिए किसी अधिकार के पास जाकर गिड़गिड़ाना गरिमा के खिलाफ है.
श्रीमती पांडेय शुक्रवार को एक साल की उपलब्धि बताने के दौरान प्रेस से बात कर रही थीं. श्रीमती पांडेय ने कहा कि बोर्ड फिलहाल केवल काउंसेलिंग का काम कर रहा है. इसके माध्यम से पारिवारिक समस्याएं सुलझायी जा रही है. पिछले एक साल में कुल 3007 मामले आये. इसमें 1984 मामले सुलझा लिये गये.
