रांची : रांची जिले में गैस पाइपलाइन बिछान��� के लिए गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) को जमीन उपलब्ध हो जायेगी. उल्लेखनीय है कि गैस पाइपलाइन के लिए गेल को करीब 2.6623 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है. रांची के उपायुक्त राय महिमापत रे ने वन भूमि(जंगल-झाड़ी) देने के लिए एनओसी जारी कर दिया है. बताया जाता है कि इस जमीन में वनाधिकार कानून के प्रावधानों का उल्लंघन नहीं हो रहा है और ग्रामसभा की अनुमति भी ले ली गयी है. सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद गेल को सशर्त एनओसी जारी किया गया है. इस जमीन का उपयोग गेल जगदीशपुर-हल्दिया-बोकारो-धमरा परियोजना के तहत गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए करेगा.
गैस पाइपलाइन बिछाने के लिये मिला एनओसी

गैस पाइपलाइन बिछाने के लिये मिला एनओसी
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रांची : रांची जिले में गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) को जमीन उपलब्ध हो जायेगी. उल्लेखनीय है कि गैस पाइपलाइन के लिए गेल को करीब 2.6623 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है. रांची के उपायुक्त राय महिमापत रे ने वन भूमि(जंगल-झाड़ी) देने के लिए एनओसी जारी कर दिया है. बताया […]
गैरमजरूआ होगी यह जमीन: गेल को अनगड़ा अंचल में 20 प्लॉट व नामकुम अंचल में 18 प्लॉट गैरमजरूआ जंगल-झाड़ी वाली जमीन उपलब्ध करायी जायेगी. अनगड़ा के 1.1712 और नामकुम के 1.4911 हेक्टेयर जमीन का चयन इसके लिए किया गया है. जमीन उपलब्ध कराने के लिए भू-राजस्व विभाग ने संकल्प जारी कर उपायुक्त को जमीन उपलब्ध कराने को कहा था. जहां से पाइपलाइन गुजरेगी है, वह जमीन वन विभाग की जंगल-झाड़ी श्रेणी में शामिल है. ज्ञात हो कि गेल के अधिकारियों ने भी उपायुक्त के साथ बैठक कर कई बार जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया था. जमीन नहीं मिलने से परियोजना में आनेवाली परेशानी से भी अवगत कराया गया था.
तैयारी पूरी
अनगड़ा अंचल में 20 प्लॉट व नामकुम अंचल में 18 प्लॉट गैरमजरूआ जमीन ली जायेगी
कुल 2.6623 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है गेल को गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से इसकी लेनी होगी अनुमति
रांची जिला प्रशासन के एनओसी जारी होने के बाद अब गेल को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से इसकी अनुमति लेनी होगी. केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद गेल को गैरमजरूआ जमीन के हस्तांतरण के प्रक्रियाओं के तहत हस्तांतरण के लिए आवेदन देना होगा. सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग की ओर से इसका राज्यादेश जारी किया जायेगा.
इन मौजा की जमीन ली जायेगी
अनगड़ा अंचल : इद, बनदाग, बुकी, गेतलसूद, महेशपुर, बेरवारी एवं चतरा.
नामकुम अंचल : महिलौंग, बड़ाम, खरीसदाग और किसकी.