पश्चिम बंगाल में बंधुआ मजदूरी से 12 बच्चे मुक्त, पाकुड़ के 10 बच्चे शामिल

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में बंधुआ मजदूरी कर रहे 12 बच्चों को मुक्त कराया गया है. इनमें 10 बच्चे झारखंड के पाकुड़ जिले के रहने वाले हैं.

रांचीः पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में बंधुआ मजदूरी कर रहे 12 बाल एवं किशोर श्रमिकों को मुक्त कराया गया है. इनमें 10 बच्चे झारखंड के पाकुड़ जिले के और दो मालदा के रहने वाले हैं. जानकारी के अनुसार, ठेकेदारों और बिचौलियों ने बच्चों को गांवों से रोजगार दिलाने का झांसा देकर बाहर ले गये थे. उत्तर दिनाजपुर में उन्हें विषम परिस्थितियों में रखा गया था और रोजाना 13 से 14 घंटे तक काम कराया जा रहा था.

सूचना मिलने के बाद 11 अगस्त को श्रम विभाग और पश्चिम बंगाल प्रशासन ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया. अभियान में उत्तर दिनाजपुर जिला प्रशासन, पाकुड़ श्रम विभाग, राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष रांची, डालसा रायगंज, थाना पुलिस, इंटरनेशनल जस्टिस मिशन और बाल अधिकार फोरम रांची ने समन्वय किया.

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सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश होंगे बच्चे

रेस्क्यू के बाद सभी 12 बच्चों को रायगंज थाना लाया गया. वहां पुलिस और संबंधित विभागों की ओर से बच्चों की पहचान, आयु सत्यापन और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. रेस्क्यू से संबंधित दस्तावेज भी तैयार किये जा रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार, बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है. आगे की कार्रवाई बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) और अन्य सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष की जायेगी. पाकुड़ के 10 बच्चों की सुरक्षित वापसी और पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन से समन्वय किया जा रहा है.

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By Prabhat khabar news desk

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